आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। जिले के बदलापुर विधानसभा क्षेत्र से रमेश चंद्र मिश्रा ने उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में पूछे गए एक प्रश्न पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
विधायक ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 14 मार्च को आयोजित उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा के हिंदी खंड में एक अत्यंत आपत्तिजनक एवं संवेदनशील प्रश्न पूछा गया, जिससे समाज में आक्रोश की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रश्न में अवसर के अनुसार बदल जाने वाले व्यक्ति के लिए एक शब्द पूछा गया था, जिसके विकल्पों में “पंडित”, अवसरवादी, निष्कपट और सदाचारी शामिल थे।
विधायक का कहना है कि यह प्रश्न गलत तरीके से तैयार किया गया है। उनके अनुसार अवसर के अनुसार बदल जाने वाले व्यक्ति को अवसरवादी कहा जाता है, लेकिन विकल्प के रूप में “पंडित” शब्द को शामिल करना एक विशेष समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने कहा कि “पंडित” शब्द विद्वता, ज्ञान और धार्मिक सम्मान से जुड़ा हुआ है, ऐसे शब्द को नकारात्मक अर्थ से जोड़ना पूरी तरह अनुचित एवं असंवेदनशील है।
इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विधायक ने कहा कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाले अधिकारी की मानसिकता कुंठित और विकृत प्रतीत होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के प्रश्न के माध्यम से पूरे समाज को आघात पहुंचाने का कार्य किया गया है। विधायक ने बताया कि उन्होंने संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित किया है।
अपने पत्र में उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के प्रश्न परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं तथा सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका पैदा करते हैं। उन्होंने मांग की कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति के खिलाफ तत्काल विभागीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
विधायक ने भविष्य में भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र तैयार करते समय संवेदनशीलता, निष्पक्षता और सामाजिक सौहार्द का विशेष ध्यान रखने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की है, ताकि इस प्रकार की विवादित स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो सके।