देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। वसंत पंचमी के पावन अवसर पर रावर्ट्सगंज के होटल डीआर ड्रीम्स लग्जरी बैंक्वेट में आयोजित भव्य समारोह में सोनभद्र के इतिहास पुस्तक का लोकार्पण हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस मौके पर सभाध्यक्ष पूर्वकुलपति पद्मश्री अभिराज राजेन्द्र मिश्र, मुख्य अतिथि ओडिशा के पूर्व डीडीजी महामहोपाध्याय अरुण कुमार उपाध्याय, जिलाधिकारी बीएन सिंह, पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, अतिविशिष्ट अतिथि पूर्व आयुक्त योगेश्वर राम मिश्र, विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व डीजीपी डॉ. धर्मवीर सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद, राजा चन्द्र विक्रम पद्मशरण शाह, युवराज देवांशब्रह्म की उपस्थित रहें। इस पुस्तक के सम्पादक जिलाधिकारी बद्री नाथ सिंह हैं व लेखन रघुनाथ मंदिर देवगढ़ तीर्थक्षेत्र न्यास के तत्वावधान में प्रख्यात इतिहासकार डा. जितेन्द्र कुमार सिंह संजय द्वारा सोनभद्र का इतिहास पुस्तक का लेखन किया गया है। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन से प्रारम्भ किया गया। इस समारोह में सर्वप्रथम ग्रन्थकार डॉ. जितेन्द्र कुमार सिंह संजय ने सोनभद्र के गौरवपूर्ण इतिहास को विस्तारपूर्वक रेखांकित करते हुए इतिहास के औचित्य पर प्रकाश डाला। उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. सरजीत सिंह डंग ने सोनभद्र को प्राचीनता और आधुनिकता का संगम बताते हुए सोनभद्र का इतिहास के वैशिष्ट्य को रेखांकित किया। सोनभद्र का इतिहास के सम्पादक एवं सोनभद्र के जिलाधिकारी बद्री नाथ सिंह ने सोनभद्र को मानवता के इतिहास का साक्षी बताते हुए सलखन के जीवाश्म, अगोरी, विजयगढ़, शिवद्वार, गोठानी, नलराजा आदि के प्रामणिक इतिहास को रेखांकित करते हुए कहा कि सोनभद्र का इतिहास अत्यन्त प्राचीन और समृद्ध है, यह पुस्तक न केवल शोधार्थियों के लिए मददगार साबित होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को भी अपनी जड़ो और विरासत को समझने का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने लेखक जितेन्द्र कुमार सिंह संजय की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी कृतियां जनपद की पहचान को वैश्विक पटल पर मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में सोनभद्र के अनछुये पहलुओं, जनजातीय संस्कृति और यहां के पौराणिक मान्यताओं को भी प्रमाणितकता के साथ प्रस्तुत किया गया है। कार्यक्रम के दौरान जिले के प्रबुद्धवर्ग, शिक्षाविद और वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहें। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में सोनभद्र की इतिहास पुस्तक की सराहना की और इसे सोनभद्र की साहित्यिक जगत की एक बड़ी उपलब्धि बताया। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने कहा कि सोनभद्र इतिहास पुस्तक का जो विमोचान किया गया है, इस पुस्तक के माध्यम से जनपद के पौराणिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संबंध में जनमानस को जानकारी उपलब्ध होगी। पूर्व डीजीपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने सोनभद्र का इतिहास के लेखन के लिए डॉ. संजय को हार्दिक बधाई दी। पूर्व आयुक्त योगेश्वरराम मिश्र ने मिर्जापुर और सोनभद्र के अन्योन्याश्रित सम्बन्ध को
रेखांकित करते हुए इस धरती के ज्ञान, वैराग्य और भक्ति को त्रिवेणी कहा। विजयगढ़ के पूर्व राजा चन्द्र विक्रम पद्मशरण शाह ने इस ग्रन्थ के प्रकाशन और लेखन के औचित्य पर प्रकाश डाला। रूबी प्रसाद ने सोनभद्र के आधुनिक सन्दर्भों को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि महामहोपाध्याय अरुणकुमार उपाध्याय ने ग्रन्थकार संजय की भारतीय दृष्टि को रेखांकित करते इस ग्रन्थ को न केवल सोनभद्र के सन्दर्भ में, अपितु सम्पूर्ण भारतीय सन्दर्भमें भी आवश्यक बताया। सभाध्यक्ष पद्मश्री प्रो. अभिराज राजेन्द्र मिश्र ने महीयसी प्रभा सिंह का स्मरण करते हुए डा. जितेन्द्र के विशाल वाङ्मय की प्ररोचना करते हुए कहा कि निष्पक्ष न्यायाधीश की तरह रागद्वेष से मुक्त होकर डा. जितेन्द्र कुमार सिंह संजय ने सोनभद्र का इतिहास लिखा है। इस ग्रन्थ की जितनी प्रशंसा की जाए कम है। कंतित राज विजयपुर परिवार के सदस्य बाबू गोविन्द प्रसाद सिंह, बाबू देवराज सिंह, बाबू राजेश सिंह, बाबू देवेशप्रताप सिंह, बाबू योगेशबहादुर, बाबू जैनेन्द्र सिंह, बाबू सुधीर सिंह ने समन्वित रूप से डा जितेन्द्र को सम्मानित किया। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी (वि/रा) वागीश कुमार शुक्ला, जिला विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह, सीएमओ डा पंकज कुमार राय, जिला पंचायत राजा अधिकारी नमिता शरण, डीसी मनरेगा रवीन्द्र वीर सिंह, जिला बेसिक अधिकारी मुकुल आनन्द पांडेय आदि मौजूद रहे।