देवल संवाददाता, आजमगढ़। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से शुरू की गई ‘पुलिस सतर्क मित्र’ WhatsApp बोट सेवा अब और जिलों में विस्तार पा रही है। वाराणसी रेंज के जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली जनपदों में सफल संचालन के बाद यह सेवा 23 जनवरी से जनपद आजमगढ़ में भी शुरू कर दी गई है। ‘पुलिस सतर्क मित्र’ एक WhatsApp-आधारित ऑटोमेटेड चैटबोट है, जिसके माध्यम से आम नागरिक गोपनीय और सुरक्षित तरीके से अपराधों और अवैध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दे सकते हैं। इसके लिए किसी अलग ऐप की आवश्यकता नहीं है, केवल WhatsApp के जरिए 7839860411 नंबर पर संदेश भेजना होता है। सेवा का उपयोग बेहद सरल है। नागरिक WhatsApp पर “Hi” भेजकर बातचीत शुरू कर सकते हैं, इसके बाद बोट भाषा चयन कराता है और क्रमशः घटना का प्रकार, स्थान, समय जैसी जानकारियाँ पूछता है। जरूरत पड़ने पर फोटो, वीडियो, ऑडियो या सीसीटीवी फुटेज भी साझा की जा सकती है। प्राप्त सूचनाओं की जांच पुलिस अधिकारी करते हैं और आवश्यक कार्रवाई की जाती है, जिसकी स्वचालित फीडबैक सूचना देने वाले को भी मिलती है। इस बोट के जरिए गौ-तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियार, जुआ-सट्टा, महिला व बाल अपराध, मानव तस्करी, पुलिस भ्रष्टाचार, अवैध खनन सहित कई गंभीर मामलों की सूचना दी जा सकती है। सबसे खास बात यह है कि सूचना देने वाले की पहचान और मोबाइल नंबर पुलिस को दिखाई नहीं देते, जिससे लोग बिना किसी डर के अपने आसपास की अवैध गतिविधियों की जानकारी साझा कर सकते हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ‘पुलिस सतर्क मित्र’ का उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच सुरक्षित संवाद स्थापित करना और तकनीक के माध्यम से अपराध पर तेज़ और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। एडीजी जोन वाराणसी पीयूष मोर्डिया ने ऑनलाइन प्रेस वार्ता में कहा, “‘पुलिस सतर्क मित्र’ WhatsApp बोट उत्तर प्रदेश पुलिस की एक तकनीक-आधारित और जनहितकारी पहल है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को बिना भय और बिना पहचान उजागर किए अपराध व अवैध गतिविधियों की सूचना देने का सुरक्षित मंच उपलब्ध कराना है। वाराणसी रेंज में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके बाद इसे आजमगढ़ जनपद में भी लागू किया गया है। हमें विश्वास है कि इस माध्यम से जनता और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत होगा और अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी।” उन्होंने आगे कहा कि “सूचना देने वाले की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी और प्रत्येक प्राप्त सूचना पर गंभीरता से जांच कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह व्यवस्था अपराधियों के लिए चेतावनी और आम नागरिकों के लिए सुरक्षा कवच साबित होगी।
जनता और पुलिस के बीच मजबूत होगा विश्वास, अपराध नियंत्रण में आएगी तेजी - पीयूष मोर्डिया, एडीजी जोन
जनवरी 23, 2026
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