देवल संवाददाता, आजमगढ़। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान खराब प्रगति पर सख्त रुख अपनाया है। धारा 67 के मामलों में लालगंज, फूलपुर और मार्टीनगंज—कुल तीन तहसीलों की प्रगति बेहद खराब पाए जाने पर इन तीनों तहसीलों के तहसीलदारों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण, भू-माफियाओं पर कार्रवाई और बड़े बकायेदारों से सख्त वसूली के आदेश जारी किए गए हैं।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व कार्यों तथा कर एवं करेत्तर राजस्व की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 24, 116, 80, 34 और 67 के अंतर्गत लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने धारा 24 के वादों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए। धारा 116 के मामलों में तहसील निजामाबाद तथा धारा 80 के मामलों में तहसील बूढ़नपुर की प्रगति सबसे कम पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।
धारा 67 के अंतर्गत मामलों की समीक्षा में तहसील लालगंज, फूलपुर और मार्टीनगंज की प्रगति अत्यंत खराब पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने इन तीनों तहसीलों के तहसीलदारों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश अपर जिलाधिकारी प्रशासन को दिए।
इसके बाद कर एवं करेत्तर राजस्व प्राप्ति की समीक्षा की गई। पीडब्ल्यूडी और कृषि विभाग में करेत्तर राजस्व की प्राप्ति लक्ष्य के अनुरूप न होने पर जिलाधिकारी ने लक्ष्य के सापेक्ष वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्य कर अधिकारी को आदेश दिया गया कि 02 किलोवॉट से अधिक विद्युत कनेक्शन वाली व्यवसायिक दुकानों के पंजीकरण की जांच की जाए और बिना पंजीकरण पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने तहसीलवार 10 बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर वसूली सुनिश्चित करने तथा आगामी माह तक कम से कम 50 प्रतिशत बकाया वसूलने के निर्देश दिए।
खतौनी में त्रुटिपूर्ण अंश सुधार से संबंधित ऑनलाइन आवेदनों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने तहसीलवार रोस्टर बनाकर लेखपालों के माध्यम से निस्तारण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अविवादित वरासत के मामले किसी भी दशा में डिफाल्टर नहीं होने चाहिए।
भू-माफियाओं और अतिक्रमणकर्ताओं के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी भूमि के अभिलेखों से छेड़छाड़ कर अवैध कब्जा करने वाले तथा थर्ड पार्टी के जरिए दूसरों की जमीन बेचने वालों के खिलाफ भू-माफिया घोषित कर सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में खतौनी पुनरीक्षण, अंश निर्धारण, कृषक दुर्घटना बीमा, खनन पट्टों की अद्यतन स्थिति, भूमि सुधार योजनाओं के अंतर्गत पट्टा आवंटन, कृषि भूमि आवंटन, महालेखागार की ऑडिट आपत्तियों और रिट याचिकाओं की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन राहुल विश्वकर्मा, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सुनील कुमार धनवंता, समस्त उप जिलाधिकारी (न्यायिक), तहसीलदार सहित कृषि, पीडब्ल्यूडी, जीएसटी, खनन एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।