देवल संवाददाता, मऊ। प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ संजय सिंह ने बताया कि होली का त्योहार खुशियों और रंगों का है,लेकिन डायबिटीज और हृदय (कार्डियक) रोगियों के लिए इस दौरान विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। खान-पान में बदलाव और शारीरिक थकान स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं जो आपको सुरक्षित होली मनाने में मदद करेंगे।पारंपरिक मिठाइयां चीनी और कैलोरी से भरपूर होती हैं,जो ब्लड शुगर बढ़ा सकती हैं। इनके बजाय आप घर पर बने शुगर-फ्री विकल्पों जैसे नारियल बासुंदी या अंजीर बर्फी का सीमित मात्रा में आनंद ले सकते हैं। हृदय रोगियों को नमक और अत्यधिक तेल वाले स्नैक्स (जैसे पकौड़े,चिप्स) से बचना चाहिए क्योंकि ये ब्लड प्रेशर और हृदय पर दबाव डाल सकते हैं। अगर आप अपनी पसंदीदा डिश खाना चाहते हैं,तो उसे बहुत कम मात्रा (चखने के बराबर) में ही लें। ठंडाई या शराब के बजाय नींबू पानी,बिना चीनी वाली लस्सी,छाछ या नारियल पानी पिएं।डॉ सिंह ने बताया कि उत्सव के बीच अपनी दवाइयां या इंसुलिन लेना न भूलें। भोजन में बदलाव होने पर भी दवा का शेड्यूल बनाए रखें। होली के दिन और उसके अगले दिन समय-समय पर अपना ब्लड शुगर लेवल जांचते रहें। हृदय रोगी और डायबिटीज के मरीज अपनी जरूरी दवाएं (जैसे सॉर्बिट्रेट या ग्लूकोज टैबलेट) हमेशा पास रखें। रसायनों वाले रंग त्वचा के माध्यम से अवशोषित होकर एलर्जी या संक्रमण पैदा कर सकते हैं। केवल प्राकृतिक या हर्बल रंगों का ही उपयोग करें।ज्यादा थकान से बचें: बहुत अधिक नाचने-गाने या भाग-दौड़ करने से बचें। हृदय रोगियों को अधिक शारीरिक श्रम से सांस फूलने या चक्कर आने की समस्या हो सकती है। दिन भर पानी पीते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो,जो थकान और हाई शुगर का कारण बन सकती है।यदि आपको सीने में दर्द या भारीपन।बहुत अधिक पसीना आना,घबराहट या चक्कर आना। सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई। ब्लड शुगर का अचानक बहुत कम या बहुत अधिक होने जैसे लक्षण दिखें तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।
होली त्यौहार पर डायबिटीज व हृदय रोगीयों कों विशेष सावधानी बरतनी चाहिए - डॉ संजय सिंह
मार्च 03, 2026
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