रात में भी गरजती हैं ड्रिल मशीनें, खादान के बाहर नहीं लगे हैं सीसी कैमरे
देवल, ब्यूरो चीफ,डाला, सोनभद्र। ओबरा तहसील अंतर्गत ग्राम बिल्ली मारकुंडी में बजरंग स्टोन के नाम से संचालित गहरी खादान में खनन नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस खदान में अब तक खनन की धारा 22 लागू नहीं की जा सकी है, जबकि पट्टेदार खुलेआम मनमानी करते नजर आ रहे हैं।
पट्टेदार को लिखित अनुबंध के अनुसार वर्ष में अधिकतम 54,000 घन मीटर बोल्डर निकालने की अनुमति है। इसके अनुसार प्रतिमाह केवल 4,500 घन मीटर और प्रतिदिन 150 फीट के टिपर से मात्र 50 से 60 टिपर बोल्डर निकाले जाने का प्रावधान है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग बताई जा रही है। भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि मे. बजरंग स्टोन पत्थर खदान के ऊंची पहुंच रखने वाले पट्टाधारक की वजह से खदान में खनन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ायी जा रही है। सूत्रों के अनुसार खादान में उत्तर प्रदेश उप खनिज परिहार नियमावली 2021 का पालन नहीं किया जा रहा है। साथ ही खनन विनिमय अधिनियम 1952 एवं 1957 के प्रावधानों को भी पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। उधर मामले को लेकर जेष्ठ खान अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो वे मौजूद नहीं मिले। बीते दिनों अवैध खनन को लेकर किए गए सवाल पर उन्होंने दो-टूक जवाब दिया था कि मीडिया को ही क्यों अवैध खनन की शिकायत मिलती है। जिले में कहीं भी कोई अवैध खनन नहीं हो रहा है।
