देवल, ब्यूरो चीफ,शक्तिनगर, सोनभद्र। शक्तिनगर क्षेत्र के विवेकानंद विद्यालय परिसर में मंगलवार की सुबह कड़कड़ाती ठंड के बावजूद युवा सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में सैकड़ों स्वयंसेवकों ने पूर्ण अनुशासन और उत्साह के साथ सहभागिता की। युवा सम्मेलन में मुख्य अतिथि व वक्ता के तौर पर उपस्थित लखनऊ, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के संपर्क प्रमुख मनोज ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा समाज और राष्ट्र की रीढ़ होते हैं तथा राष्ट्र के वर्तमान और भविष्य दोनों की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर होती है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को सही दिशा, विचार और संस्कार मिलें तो वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि सेवा, समर्पण और संस्कार ही राष्ट्र निर्माण की मूल आधारशिला हैं। जब युवा निःस्वार्थ भाव से समाज सेवा में जुटते हैं और राष्ट्रहित को व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर रखते हैं, तभी एक सशक्त, समरस और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण संभव हो पाता है। मनोज ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए जाति, वर्ग और भाषा के भेदभाव से ऊपर उठकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए और प्रत्येक युवा को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्र सेवा को जीवन का लक्ष्य बनाकर निरंतर आगे बढ़ें। नगर संघचालक खुशहाल सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं को सही दिशा मिलती है और उनमें राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध जागृत होता है। उन्होंने कहा कि युवान सम्मेलन युवाओं को संगठित कर समाज सेवा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। सम्मेलन के दौरान विभिन्न सत्रों में युवाओं को सामाजिक दायित्व, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद स्वयंसेवकों के जोश में कोई कमी नहीं देखी गई और पूरा परिसर सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। मौके पर नरेंद्र भूषण शुक्ला, चंद्रशेखर, यश बंसल, राघवेंद्र प्रताप सिंह, राजीव, अशोक अग्रहरि, सत्यप्रकाश सिंह, शशि राज, प्रमोद तिवारी, मोहन गुप्ता, जिला प्रचारक योगेश आदि मौजूद रहे।
