देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। नगर के आरटीएस क्लब में चल रहे श्री रामचरितमानस नवाह् पाठ महायज्ञ के नौवें दिन भगवान श्री राम का राज्याभिषेक हुआ। इस अवसर पर मानस पंडाल को फूलों से सज्जित किया गया और भगवान श्री राम की दिव्य आरती भक्तों द्वारा उतारी गई।
वहीं, वशिष्ठ की भूमिका निभा रहे मंच आचार्य एवं संचालक आचार्य संतोष कुमार द्विवेदी ने श्री राम का तिलक लगाकर राज्याभिषेक किया। इसके पश्चात वहां उपस्थित समिति के अध्यक्ष सत्यपाल जैन, महामंत्री सुशील पाठक सहित समिति के संरक्षक एवं सदस्यों एवं भारी संख्या में भक्तजनों ने भगवान श्री राम दरबार की दिव्य आरती उतारी। वहीं, व्यास श्री सूर्य लाल मिश्र के मुखारविंद से गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानस उत्तरकांड की चौपाई राज बैठे राज्य बैठे त्रैलोका। हर्षित भये गए सब सोका ।। न कर काहू सन कोई। राम प्रताप विषमता खोई ।। अर्थात भगवान श्री राम के राज्य पर प्रतिष्ठित हो जाने पर तीनों लोक के लोग हर्षित हो गए, उनके सारे दुख जाते रहे, कोई किसी से बैर
नहीं करता, श्री रामचंद्र जी के प्रताप से सबकी विषमता (आंतरिक भेदभाव) मिट गए। इस चौपाई के साथ ही राम दरबार में भक्तों द्वारा पुष्प वर्षा की जाने लगी, पटाखे छुड़ाए जाने लगे और मुद्राएं लुटाई जाने लगी। मुख्य व्यास जी द्वारा भरत पीड़ा तथा भरत दृष्य, हनुमान मिलन, अयोध्या में आनंद, श्री राम जी का स्वागत, भरत मिलन, राम राज्याभिषेक, वेद स्तुति, शिव स्तुति, वानरों और निषादों की विदाई, रामराज्य का वर्णन आदि कथाओं का वाचन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं महायज्ञ का समापन हवन पूजन के साथ हुआ। इस अवसर मुख्य रूप से सांसद छोटेलाल खरवार, समिति के अध्यक्ष सत्यपाल जैन, संरक्षक इंद्रदेव सिंह, महामंत्री सुशील पाठक, अवधेश पांडेय, अयोध्या दूबे, मिठाई लाल सोनी, ओमप्रकाश त्रिपाठी, अजीत रावत, धर्मवीर तिवारी, किशोर केडिया, शिशु त्रिपाठी, रविंद्र पाठक, विमलेश पटेल, मन्नू पांडेय, सुधाकर पांडेय, हर्षवर्धन, शुभम शुक्ला, राजेश, चंदन चौबे, कुशल त्रिपाठी, तन्नू पांडेय आदि मौजूद रहे।
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