देवल संवाददाता, बलिया के शहीद पार्क में रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी के सदस्यों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष उपवास रखा। यह प्रदर्शन मनरेगा योजना का नाम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर यथावत बनाए रखने की मांग को लेकर किया गया।
इसी दौरान, भारत को 'जय जवान जय किसान' का नारा देने वाले द्वितीय प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। कांग्रेस ने मनरेगा का नाम बदलकर 'जी राम जी' करने के कथित कदम का विरोध किया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने इस अवसर पर कहा कि देश में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से बड़ा नाम किसी का नहीं है। उन्होंने मनरेगा जैसी लोक कल्याणकारी योजना से उनका नाम हटाना निंदनीय बताया।
पाठक ने भाजपा सरकार पर भगवान राम के नाम से खेलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मनरेगा का नाम बदलकर 'जी राम जी' करना सीधे जनता की भावनाओं से खेलना है।
उन्होंने मनरेगा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह योजना देश के कामगार किसानों, मजदूरों और ग्रामीण निवासियों के लिए गारंटी युक्त रोजगार सुनिश्चित करती है। इस योजना में 60 प्रतिशत भुगतान केंद्र सरकार द्वारा किया जाता था।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस विरोध कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता की प्रतिमा के समक्ष उपवास रखकर की गई है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को नमन करते हुए मनरेगा जैसे लोक हितकारी कार्यक्रम को पुनः लागू करने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। उपवास कार्यक्रम का समापन जिला कोआर्डिनेटर ओम प्रकाश पाण्डेय के उद्बोधन से हुआ।
इस उपवास कार्यक्रम में दिग्विजय सिंह, अनुपमा सिंह, सागर सिंह राहुल, सत्य प्रकाश उपाध्याय, संतोष चौबे, विजय मिश्र, विजेन्द्र पाण्डेय मुखिया, ओम प्रकाश तिवारी, रुपेश चौबे, विवेक ओझा, लल्लू सिंह, अबूल फैज, बैजनाथ राम, अरुण श्रीवास्तव, संग्राम तिवारी, प्रेम शंकर तिवारी, रश्मि सिंह, मीरा सिंह, सिद्धनाथ तिवारी, आशुतोष चौबे, राहुल चौबे, शशिकांत मिश्रा और राज प्रकाश राहुल मांझी सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।