देवल संवाददाता, मऊ। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित “मिशन वात्सल्य योजना” के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि योजना के अंतर्गत निराश्रित,परित्यक्त,अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों को समुचित संरक्षण,शिक्षा,स्वास्थ्य एवं पुनर्वास सुविधाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि मिशन वात्सल्य का उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास एवं उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है,जिसे सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ पूर्ण करें। जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में संचालित बाल गृहों, फोस्टर केयर,स्पॉन्सरशिप एवं आफ्टर केयर कार्यक्रमों के माध्यम से पात्र बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। साथ ही बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड द्वारा नियमित रूप से मामलों का निस्तारण किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बाल संरक्षण से जुड़े सभी प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। बैठक के दौरान किशोर न्याय बोर्ड,बाल कल्याण समिति, समेकित बाल संरक्षण योजना सहित अन्य बिंदुओं पर समीक्षा की गई एवं आवश्यक निर्देश दिए गए। राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) में 100 किशोर की क्षमता है,परंतु वर्तमान में राजकीय सम्प्रेक्षण गृह में 105 किशोर है। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सम्प्रेक्षण गृह में बच्चों को समय से भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए साथ ही किसी भी बच्चे को किचन में कार्य करने हेतु उपयोग में न लाने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बाल सम्प्रेक्षण गृह में कार्यरत अधिकारी को निर्देश दिए कि बच्चों को खेल सामग्री अवश्य उपलब्ध कराए, किसी भी खेल सामग्री को टूटने की चिंता ना करें।बैठक के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जनपद में संचालित बाल गृहों, फोस्टर केयर,स्पॉन्सरशिप एवं आफ्टर केयर कार्यक्रमों के माध्यम से पात्र बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। साथ ही बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड द्वारा नियमित रूप से मामलों का निस्तारण किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बाल संरक्षण से जुड़े सभी प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। बैठक के दौरान किशोर न्याय बोर्ड,बाल कल्याण समिति, समेकित बाल संरक्षण योजना सहित अन्य बिंदुओं पर समीक्षा की गई एवं आवश्यक निर्देश दिए गए। राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) में 100 किशोर की क्षमता है,परंतु वर्तमान में राजकीय सम्प्रेक्षण गृह में 105 किशोर है। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सम्प्रेक्षण गृह में बच्चों को समय से भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए साथ ही किसी भी बच्चे को किचन में कार्य करने हेतु उपयोग में न लाने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बाल सम्प्रेक्षण गृह में कार्यरत अधिकारी को निर्देश दिए कि बच्चों को खेल सामग्री अवश्य उपलब्ध कराए, किसी भी खेल सामग्री को टूटने की चिंता ना करें।बैठक के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
सम्प्रेक्षण गृह में किशोरी को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
अप्रैल 22, 2026
0
Tags
