देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। सदर विकास खण्ड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में क्षेत्र पंचायत निधि से कराए गए कार्यों में भ्रष्टाचार हाबी है। बीते दिनों सदर ब्लाक प्रमुख अजीत रावत पर कमीशनखोरी के चक्कर में अपने चहेते ठेकेदार से घटिया किस्म की सामग्रियों से विभिन्न विकास/निर्माण कार्य कराए जाने का आरोप लगाते हुए बीडीसी सदस्य पवन शुक्ला के द्वारा जनसुनवाई (सीएम) पोर्टल पर की गई शिकायत के बाद विभिन्न ग्राम पंचायतों में हुए कार्यों की पड़ताल की गई तो शिकायत कर्ता द्वारा लगाए गए आरोप कहीं न कहीं सत्य साबित हुए। चंद माह पूर्व लाखों रूपए की लागत से तरावां ग्राम पंचायत में निर्मित छठ घाट अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाते मिला।
सदर ब्लाक के बढ़ौली गांव में कोलानी बस्ती बढ़ौली डाक बंगला संपर्क मार्ग से गायत्री पांडेय के मकान के बगल से संध्या चतुर्वेदी के घर तक बनायी गई सीसी रोड में जगह-जगह दरारें देखने को मिलीं। पन्द्रहवां वित्त / राज्य वित्त आयोग योजनान्तर्गत वर्ष 2022-23 में निर्मित इस सीसी रोड का निर्माण करीब 3.79 लाख में कराया गया था। निर्माण के महज तीन वर्ष के भीतर ही सीसी रोड में दरारें पड़ने से गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि सीसी रोड निर्माण में ठेकेदार द्वारा मानकों की जमकर अनदेखी की गई है। घटिया किस्म की सामग्रियों से सड़क का निर्माण कराए जाने से सीसी रोड़ में दरारें पड़ने लगी हैं। सड़क को देखकर ऐसा महसूस हो रहा है कि महज कुछ ही वर्षों में लाखों रूपए से निर्मित सीसी रोड क्षतिग्रस्त हो जाएगी। इसी तरह परसौटी गांव में अनिल पासवान के घर से बृजराज पांडेय के खेत तक कराए गए इंटरलाकिंग के कार्य में भी गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। परसौटी गांव में नाली निर्माण कार्य भी काफी चर्चा में है। आरोप है कि डीएमएफ निधि से कराए गए नाली निर्माण कार्य में जमकर मानकों की अनदेखी की गई है। घटिया किस्म की सामग्रियों से नाली का निर्माण कराए जाने से कुछ माह बाद ही नाली धराशाही हो गई। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से सदर ब्लाक के विभिन्न ग्राम पंचायतों में क्षेत्र पंचायत निधि से कराए गए निर्माण/विकास कार्यो के गुणवत्ता की किसी स्वतंत्र एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र पंचायत निधि से कराए गए कार्यों के गुणवत्ता की यदि निष्पक्ष जांच करा दी जाए तो एक बड़ा भ्रष्टाचार उजागर हो सकता है।
