देवल संवाददाता, आजमगढ़।जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण, ब्लैक स्पॉट सुधार, अवैध कट बंद करने, स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच, बार-बार चालान वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई और सड़क सुरक्षा माह के दौरान जन-जागरूकता व प्रशिक्षण जैसे अहम निर्देशों के साथ शुक्रवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई और आगे की कार्ययोजना तय की गई।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में पूर्व में दिए गए निर्देशों की समीक्षा करते हुए सड़क सुरक्षा के संबंध में हुई कार्रवाई की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि ब्लैक स्पॉट का सर्वे पूरा कर लिया गया है और चिन्हित स्थानों पर सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं। अवैध कट बंद करने की कार्रवाई पूर्ण कर ली गई है। स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच जारी है तथा किए गए वाहन चालानों की वसूली की जा रही है।
बैठक में अवगत कराया गया कि सर्वे के दौरान नेशनल हाईवे पर कुल 48 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। नेशनल हाईवे के प्रतिनिधि ने बताया कि 14 ब्लैक स्पॉट पर रंबल स्ट्रिप, साइनेज लगाए जा चुके हैं तथा स्पीड ब्रेकर बनाने की कार्रवाई प्रगति पर है। साथ ही हाईवे पर चिन्हित पुलियों पर साइनेज लगाने और पेंट कराने का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। इन कार्यों के सत्यापन के लिए आरटीओ, पुलिस और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए गए।
यह भी जानकारी दी गई कि नेशनल हाईवे वाराणसी मार्ग पर किए गए 15 अवैध कट को बंद कर दिया गया है और ब्लैक स्पॉट पर आवश्यक साइनेज व रंबल स्ट्रिप लगा दी गई है। ब्लैक स्पॉट की अद्यतन सूची आपस में साझा करने के निर्देश दिए गए, जिसमें एंबुलेंस नंबर, क्रेन-कटर वाहन चालक का नाम व मोबाइल नंबर तथा नेशनल हाईवे के संबंधित पीडी का नाम व मोबाइल नंबर दर्ज करने को कहा गया।
स्कूली वाहनों के संबंध में निर्देश दिए गए कि फिटनेस जांच के दौरान अनफिट पाए जाने पर वाहन स्वामी को 15 दिन का समय दिया जाए। निर्धारित अवधि में फिटनेस प्रमाण पत्र प्रस्तुत न करने पर वाहन का पंजीकरण निरस्त किया जाए। वाहन चालानों की समीक्षा करते हुए कहा गया कि जिन वाहनों का कई बार चालान हो चुका है, उनके फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र और चालक लाइसेंस की जांच की जाए। बार-बार नियम उल्लंघन करने वाले टॉप-10 वाहनों को खड़ा कराया जाए और इसकी सूचना समाचार पत्रों में प्रकाशित कराई जाए।
सड़क सुरक्षा माह के दौरान आम जनमानस को जागरूक करने और वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर दिया गया। एआरटीओ (प्रवर्तन) को अभियान चलाकर सरकारी एवं निजी बस चालकों की आंखों की जांच कराने, आवश्यकता अनुसार चश्मा वितरण और अन्य आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
ग्रामीण सड़कों पर यातायात में बाधा बन रहे लटकते पेड़ों और झाड़ियों की छंटाई के लिए पीडब्ल्यूडी को वन विभाग से समन्वय स्थापित कर कार्य सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही यह निर्देश दिया गया कि यदि अवैध कट बंद होने के बाद कोई व्यक्ति दोबारा कट बनाता है तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित थाने को दी जाए। हाईवे पर जहां वर्तमान समय में वैध कट की आवश्यकता है, ऐसे स्थानों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाली पेट्रोलिंग गाड़ियों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम को सक्रिय कर जनसामान्य को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए संदेश प्रसारित करने पर भी बल दिया गया।