देवल संवाददाता, गाजीपुर। बिरनो क्षेत्र में जहां एक ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण और शुद्ध हवा के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर पौधारोपण करा रही है, वहीं दूसरी ओर विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और मिलीभगत से हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय थाना क्षेत्र अंतर्गत पांडेयपुर राधे गांव से मीरपुर राजापुर नहर की सफाई अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर बरगद, नीम और शीशम जैसे हरे पेड़ों की अवैध कटाई की जा रही है। नहर की सफाई के नाम पर वर्षों से जमी सिल्ट हटाई जा रही है, लेकिन इस दौरान नहर क्षेत्र में मौजूद कई पुराने और मोटे हरे पेड़ों को काट दिया गया।ग्रामीणों का आरोप है कि पहले भी नहर की सफाई होती रही है, लेकिन तब इन बड़े हरे पेड़ों को नहीं काटा गया। इस बार ठेकेदार द्वारा ग्रामीणों के मना करने के बावजूद धड़ल्ले से पेड़ों की कटाई कराई जा रही है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। इस संबंध में नहर विभाग के अवर अभियंता दीपक कुमार ने बताया कि नहर किनारे केवल जंगल रूपी झाड़ियों को काटने का आदेश है। हालांकि ठेकेदार द्वारा मोटे हरे पेड़ों की कटाई की जानकारी मिली है। वहीं वन विभाग के रेंजर द्वारा भी हरे पेड़ों की कटाई की सूचना दिए जाने की बात कही गई है। उधर, क्षेत्रीय वन अधिकारी महेंद्र देव विक्रम ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर वे मौके पर पहुंचे थे। भवरहा नई बस्ती के पास नहर सफाई के दौरान ठेकेदार द्वारा अवैध रूप से हरे पेड़ों की कटाई की जा रही थी। इस संबंध में नहर विभाग के अवर अभियंता से बातचीत की गई है। यदि जुर्माना राशि विभाग द्वारा जमा नहीं की जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।घटना के बाद ग्रामीणों में रोष है और वे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।