देवल संवादाता,मिर्जापुर। पुलिस की छवि सुधारने के लिए लाख दावे किए जाएं, लेकिन जब वर्दी वाले खुद कानून की धज्जियां उड़ाएं, तो भरोसा उठना लाज़मी है। मिर्जापुर के बरकछा ओवर ब्रिज स्थित नो एंट्री प्वाइंट पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक ट्रक चालक से होली के बहाने शराब की बोतल मांगता दिख रहा है।
*कैसे सामने आई यह करतूत*
घटना बुधवार रात की है, जब ट्रैफिक सिपाही चंदन सिंह ने एक ट्रक को रोका और दस्तावेजों की जांच के बहाने चालक से बातचीत शुरू की। बातों-बातों में सिपाही ने होली का हवाला देते हुए खुलेआम शराब की मांग कर दी। इतना ही नहीं, उसने यह भी कहा, सेती का चन्दन, घिस मेरे रघुनंदन, यानी ट्रक चालकों की मजबूरी का फायदा उठाने की मानसिकता साफ झलक रही थी। किसी सतर्क व्यक्ति ने इस पूरे घटनाक्रम को मोबाइल में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद यह मामला तूल पकड़ गया।
*एसएसपी ने किया लाइन हाजिर, लेकिन क्या यह पर्याप्त है*
वीडियो वायरल होते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने तुरंत संज्ञान लिया और आरोपी सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही, पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
*पहले भी हो चुकी है ऐसी घटनाएं, लेकिन कार्रवाई?*
यह कोई पहली बार नहीं है जब इस नो एंट्री प्वाइंट पर पुलिस की वसूली का वीडियो सामने आया हो। कुछ महीने पहले भी बड़े न्यूज़ चैनलों के पत्रकारों ने इसी स्थान का एक वीडियो वायरल किया था, जिसमें ट्रक चालकों से नो एंट्री में गाड़ियां पास कराने के नाम पर पैसे लिए जा रहे थे। उस समय पुलिस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था, लेकिन ताज़ा वीडियो ने उनकी पोल खोल दी है। सवाल यह उठता है कि क्या केवल एक सिपाही पर कार्रवाई करना पर्याप्त है, या पूरी व्यवस्था की सफाई जरूरी है?
