कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लान ऑफ एक्शन 2024-25 के अनुपालन में श्री राम सुलीन सिंह, माननीय जनपद न्यायाधीश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर के निर्देशानुसार शुक्रवार को नशा उन्मूलन एवं बन्दियों को दी जाने वाली विधिक सहायता के सम्बन्ध में जिला कारागार, अम्बेडकरनगर में विधिक साक्षरता / जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया तथा अपर जिला जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला कारागार का निरीक्षण किया गया। इस विधिक साक्षरता शिविर में भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नरेश कुमार, जेलर, तेजवीर सिंह, डिप्टी जेलर, सूर्यभान सरोज, डिप्टी जेलर तथा जि०वि० से० प्रा० के कर्मचारी पी०एल०वी एवं कारागार के कर्मचारीगण, जेल पीएलवी व बन्दियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
विधिक साक्षरता / जागरूकता शिविर को सम्बोधित करते हुये भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बताया गया कि नशा एक धीमा जहर है जो सेवन करने वाले व्यक्ति को धीरे-धीरे मौत के मुँह में धकेलता रहता है। लोग जाने-अनजाने में तम्बाकू उत्पादों का सेवन करते रहते हैं, धीरे-धीरे शौक लत में परिवर्तित हो जाता है और तब नशा आनन्द प्राप्ति के लिये नहीं बल्कि ना चाहते हुए भी किया जाता है। नशे का सेवन अनेक रूप में किया जाता है. जैसे-बीटी, गुटखा, जर्दा, खैनी, हुक्का, चिलम आदि। सिगरेट, बीडी और हुक्के का हर कश एवं गुटखे, जर्दे, खैनी की हर चुटकी हर पल मौत की ओर ले जा रही होती है। इसके सेवन से कई बीमारियां उत्पन्न होती हैं जैसे-दीर्घकालिक अवरोधक फेफड़ों सम्बन्धी बीमारी, फेफड़े का कैंसर, हृदय घात, स्थायी दिल की बीमारी इत्यादि। एवं सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध, सिगरेट तथा अन्य किसी तम्बाकू उत्पाद के विज्ञापन का निषेध, कोई भी व्यक्ति सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को नहीं बेच सकता तथा शैक्षिक संस्थानों से सौ गज की परिधि के अन्दर भी नहीं बेच सकता, समस्त तम्बाकू उत्पादों पर सचित्र स्वास्थ्य चेतावनी दर्शित होनी चाहिये नशे की लत से लडने के लिये हमें अपने इच्छा शक्ति एवं डाक्टर के परामर्श से नशे को छोडना व हराना है। शिविर के दौरान श्री भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बन्दियों को प्रदान की जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के विषय में भी विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई तथा निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान किये जाने के क्रम में आनलाईन एलएसएमएस पोर्टल तथा नालसा हेल्पलाईन नम्बर 15100 के विषय में भी बताया गया।
शिविर के उपरान्त अपर जिला जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा जिला कारागार एवं जेल लीगल एड क्लीनिक का निरीक्षण किया गया। कारागार के निरीक्षण के दौरान सचिव महोदय द्वारा बन्दियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं के विषय में बात की बन्दियों को लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की एवं जेल अधीक्षक जिला कारागार, अम्बेडकरनगर को निर्देशित किया गया कि बन्दियों को उनकी रिहाई के अधिकारों के प्रति जागरूक करें व बन्दियों के खान-पान का विशेष ध्यान रखें, अपर जिला जज/सचिव महोदय द्वारा जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि कारागार परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें एवं बदलते मौसम के अनुरूप् उचित चिकित्सा सुविधा दिलवाये जाने हेतु निर्देशित किया गया जिला कारागार परिसर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें एवं किसी भी प्रकार की विधिक सहायता प्राप्त करने हेतु जिला कारागार अम्बेडकरनगर में स्थापित जेल लीगल एड क्लीनिक में नियुक्त जेल पराविधिक स्वयं सेवक एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर से सम्पर्क स्थापित कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
