अदालत ने कहा, कानूनी प्रक्रिया का पालन कर दाखिल किया गया है वाद,
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Dainik Deval
अप्रैल 27, 2024
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ज्ञानवापी से जुड़े लॉर्ड ज्योतिर्लिंग बनाम जिलाधिकारी व अन्य के वाद में सिविल जज सीनियर डिवीजन / फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रशांत कुमार की अदालत ने यूनियन ऑफ इंडिया के उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें उसे पक्षकार बनाए जाने पर विधि मंत्रालय ने आपत्ति जताई थी। अदालत ने कहा कि 25 मई 2023 को भारत सरकार के अधिवक्ता सुनील रस्तोगी ने जवाबदेही दाखिल करने के लिए पैरावाइज कमेंट दिए जाने की बात कही। कहा कि यूनियन ऑफ इंडिया के किसी मंत्रालय को पक्षकार नहीं बनाया गया है। ऐसे में जवाब दाखिल नहीं किया जा सकता। सही मंत्रालय को पक्षकार बनाए जाने के लिए नोटिस जारी किए जाने की बात कही गई। यह भी कहा गया कि वादी ने पक्षकार बनाए जाने के लिए वाद में कोई कारण भी नहीं बताया।अदालत में वादिनी के अधिवक्ताओं शरद श्रीवास्तव, शिवपूजन सिंह गौतम और हिमांशु तिवारी ने आपत्ति में कहा कि यूनियन ऑफ इंडिया ने अपनी दलीलों के समर्थन में शपथपत्र नहीं दिया है। न साक्ष्य दाखिल किया गया है। वाद दो माह की नोटिस के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत दाखिल किया गया है। यूनियन ऑफ इंडिया को सचिव के जरिये पक्षकार बनाया गया है। ऐसे में इनकी आपत्ति खारिज की जानी चाहिए। अदालत ने कहा कि इन परिस्थितियों में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की आपत्ति खारिज की जाती है। प्रतिवादी को उत्तर पत्र दाखिल करने के लिए 27 मई की तिथि नियत की गई है। इस वाद में बड़ी पियरी निवासी अनुष्का तिवारी ने ज्ञानवापी के आराजी नंबर-9130 पर लॉर्ड विश्वेश्वर का मालिकाना हक घोषित करने, बैरिकेडिंग हटाने और केंद्र व राज्य सरकार को भव्य मंदिर निर्माण में सहयोग देने की याचना की है। उधर, अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने विशेष पूजा स्थल अधिनियम लागू होने का हवाला देकर वाद को खारिज किए जाने की मांग की है। मसाजिद कमेटी के प्रार्थना पत्र अभी सुनवाई होनी है।