मऊ के घोसी नगर के बड़ागांव में शहजादी जैनब के रौजे में एक महफिले मुकासेदा का आयोजन किया गया। यह महफिले मुकासेदा में पैगम्बर मुहम्मद की नवासी अली की बेटी फातेमा की लख्ते जिगर शहजादी जैनब सलवातूल्लाह के जन्मदिन पर किया गया। ये वो जैनब जिसने खुदा के दिन को कर्बला के बाद बचाया था। जिसने इंसानियत को बचा लिया।ये वो जैनब है जिनकी वेलादत पर ईमाम हुसैन के मकसद को पूरा करने की जिम्मेदारी थी। जनाबे जैनब की विलादत पर ऊपर से जनाबे रसूले खुदा को बधाई देने आये। या रसूलल्लाह आप को आप की नवासी की विलादत मुबारक हो। सभी लोग आए हजरत अली और ईमाम हसन एवं ईमाम हुसैन, नबी और जनाबे फातेमा को बधाई देते रहे। ये महफिले मुकासेदा में मुकामी शायरों ने शहजादी जैनब की विलादत पर अपने-अपने अंदाज में कसीदा पढ़ा। सदारती तकरीर मौलान मुझहिर हुसैन पनेशपल मदरसा बाबुल इल्म मुबारकपुर आजमगढ़ ने किया। हदीसे मौलाना नसीमुल हसन और संचालन सागर अब्बास ने किया।इस अवसर पर मौलाना मुझहिर हुसैन, मौलाना अहमद अब्बास, मौलाना नसीमुल हसन, मौलाना गदिरी हुसैनी, साज़िद हुसैन, इसरत रज़ी, डॉक्टर असगर ईमाम, शाकिर अली, मुहम्मद अली, डा० कलीम असगर, डॉक्टर वकार अली, सागर अब्बास नेमत अली, शादाब हुसैन, काजिम नासिरी, मोहम्मद जोहैर, मुझहिर हुसैन समेत अन्य लोग मौजूद रहे।