मऊ में सोमवार को समाजवादी जन परिषद, विद्यार्थी युवजन सभा और राष्ट्रीय समानता दल के कार्यकर्ताओं ने मधुबन तहसील परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। एसडीएम अवधेश कुमार चौहान को एक ज्ञापन सौंपा। मधुबन में रेल मार्ग, सब्जी मंडी एंव पुल निर्माण की मांग की। प्रदर्शन करने वालों का आरोप था कि यहां जन प्रतिनिधि अपने वादों पर खरे नहीं उतरे। इसलिए अब सडक पर उतर कर आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।राष्ट्रीय विद्यार्थी युवजन सभा के संयोजक शैलेश कुमार मोनू ने कहा कि मधुबन-बरहज पुल (मोहन सेतु) का शिलान्यास सन् 2014 में किया गया। सरकार और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और उपेक्षा के कारण निर्माण आज भी अधूरा है। यहां देवरिया और मऊ को जोड़ने वाला था, यहां 1200 मीटर लंबा सेतु आज भी निर्माणाधीन है। प्रदेश सरकार उदासीन है। कभी निर्माण बंद होता है तो कभी चालू होता है। मऊ-देवरिया के इस देवारा क्षेत्र की जनता का दुख दर्द सुनने वाला कोई नहीं। आखिर पुल का निर्माण कार्य कब पूरा होगा।प्रदेश अध्यक्ष समाजवादी जन परिषद विक्रमा मौर्य ने कहा कि मधुबन विधान सभा पिछड़ा क्षेत्र है। आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका रखने वाला मधुबन क्षेत्र सब्जी और गुड़ उत्पादन का हब है। यहां का किसान अपने उत्पाद को सड़कों पर रख कर बेचने को विवश हैं। सब्जी मंडी का निर्माण किसानों के हित में अतिआवश्यक है। संजयदीप कुशवाहा प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय समानता दल उत्तर प्रदेश ने कहा कि मधुबन को रेलमार्ग से जोड़ने की कवायद 40 वर्षो से चल रही है। बेल्थरा से मधुबन, दोहरीघाट तक रेलमार्ग विस्तार का प्रस्ताव 40 वर्षो से लंबित है। यहां जन प्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण रेलमार्ग का विस्तार नहीं हो सका है।इस अवसर पर, अधिवक्ता प्रमोद यादव, जय मौर्य जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय समानता दल, आशीष कुमार, अनिरुद्ध प्रजापति, महेंद्र यादव, रामकेवल चौहान, रजनीश वर्नवाल, अमला चौहान अभिषेक कुमार आदि मौजूद रहे।