सोलोमन ने वेस्टइंडीज के लिए 1958 और 1965 के बीच 27 टेस्ट मैच खेले जिसमें उन्होंने 34 की औसत से 1326 रन बनाए। उन्होंने 26 साल की उम्र में अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी। वहीं कार एक्सीडेंट में पूर्व स्पिनर क्लाइड बट्स ने 66 वर्ष में दुनिया को अलविदा कह दिया।वेस्टइंडीज क्रिकेट जगत के लिए शनिवार दुख भरी खबर लेकर आया। वेस्टइंडीज के 2 क्रिकेटर्स का निधन हो गया। पूर्व स्पिनर क्लाइड बट्स ने 66 वर्ष में और बल्लेबाज जो सोलोमन ने 93 वर्ष में दुनिया को अलविदा कह दिया। इन क्रिकेटर्स के निधन के बाद वेस्टइंडीज क्रिकेट में शोक की लहर दौड़ गई। बोर्ड ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी।वेस्टइंडीज के पूर्व ऑफ स्पिनर क्लाइड बट्स की मौत एक कार एक्सीडेंट में हुई। उन्होंने अपना आखिरी अतंरराष्ट्रीय मैच भारतीय टीम के खिलाफ खेला था। क्लाइड बट्स 1980 के दशक वेस्टइंडीज टीम में जगह बनाने में सफल रहे थे। बट्स ने 1985 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था और 1988 में भारत के खिलाफ अपना आखिरी मैच खेला था। क्लाइड बट्स ने वेस्टइंडीज के लिए कुल 7 टेस्ट मैच खेले और 10 विकेट अपने काम किए। इस दौरान उन्होंने 108 रन भी बनाए।वहीं, वेस्टइंडीज और गयाना के पूर्व बल्लेबाज जो सोलोमन का शनिवार को 93 साल की उम्र में निधन हो गया। जो सोलोमन के निधन पर वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने शोक जताया है। जो सोलोमन को इतिहास का पहला टेस्ट मैच टाई करने के लिए हमेशा याद किया जाता रहेगा।गौरतलब हो कि जो सोलोमन ने वेस्टइंडीज के लिए 1958 और 1965 के बीच 27 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 34 की औसत से 1326 रन बनाए। उन्होंने 26 साल की उम्र में अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी।उन्होंने अपनी पहली तीन प्रथम श्रेणी पारियों में शतक लगाए, जिसमें जमैका के खिलाफ नाबाद 114 रन, बारबेडोज के खिलाफ 108 और पाकिस्तान के वेस्टइंडीज टूर पर अभ्यास मैच में 121 रन शामिल थे। इसके बाद वह भारतीय दौरे के लिए वेस्टइंडीज टीम में चुने गए थे। चौथे टेस्ट मैच में उन्होंने दिल्ली में नाबाद 100 रन बनाए और इस सीरीज में 117 की औसत से रन बनाए।1960 में जो सोलोमन को टेस्ट इतिहास का पहला टेस्ट मैच टाई कराने के लिए हमेशा याद किया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गाबा में खेले गए टेस्ट मैच में यह कमाल हुआ था। ऑस्ट्रेलिया को आठ गेंद में छह रन चाहिए थे और तीन विकेट बाकी थे। ऑस्ट्रेलिया के रिची बेनॉड और वॉली ग्रॉट जल्दी आउट हो गए।अब ऑस्ट्रेलिया को दो गेंद में एक रन चाहिए था और एक विकेट बाकी था। ऑस्ट्रेलिया के लिंडसे क्लाइन आखिरी बल्लेबाज बचे थे और सिंगल लेना चाहते थे, लेकिन सोलोमन के डायरेक्ट थ्रो ने पूरी कहानी बदल दी। डायरेक्ट थ्रो से इयन मेकीफ रन आउट करार दिए गए और यह पहला टाई टेस्ट मैच बन गया।इसके अलावा इस टेस्ट में उन्होंने कुछ अहम रन भी बनाए, लेकिन सोलोमन की बल्लेबाजी इस दौरे पर एक विवादित हिटविकेट के लिए जानी जाती है। दूसरे टेस्ट में उनकी कैप गिरकर स्टंप्स पर जा लगी थी और उन्हें हिटविकेट करार दिया गया था।