देवल संवाददाता, गोरखपुर ।सिकरीगंज थाना क्षेत्र में अधिवक्ता के पिता की हत्या के मामले में रविवार को पोस्टमार्टम हाउस पर आक्रोशित अधिवक्ताओं और समर्थकों ने जमकर प्रदर्शन किया। हत्यारोपितों की गिरफ्तारी, फांसी की सजा,आरोपितों के घरों पर बुलडोजर चलाने और सिकरीगंज थाने के पूरे स्टाफ को निलंबित करने की मांग को लेकर गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन की दोनों लेन करीब ढाई घंटे तक जाम रखा।
भीड़ ने कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के वाहनों को रोककर वापस कर दिया। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ और जिलाधिकारी दीपक मीणा के मौके पर पहुंचकर वार्ता करने पहुंचे। चार आरोपियों की गिरफ्तारी और अन्य मांगों को पूरा किए जाने के आश्वासन के बाद धरना खत्म हुआ।
रविवार को अधिवक्ता के पिता के शव का पोस्टमार्टम दो चिकित्सकों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच किया। पोस्टमार्टम सुबह 11:50 बजे शुरू हुआ और करीब 12:40 बजे तक चला। पोस्टमार्टम शुरू होने से पहले ही करीब 11:30 बजे अधिवक्ता के समर्थन में जुटे सैकड़ों लोगों ने पोस्टमार्टम हाउस के सामने गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन जाम कर दिया था।
पुलिस के समझाने पर कुछ देर बाद जाम खुल गया, लेकिन पोस्टमार्टम शुरू होते ही दोपहर करीब 12 बजे भीड़ ने दोबारा दोनों लेन पर आवागमन रोक दिया। इस दौरान केवल एंबुलेंस को जाने दिया गया। महराजगंज की ओर से आ रही एडीएम एलआर की गाड़ी को भीड़ ने रोक लिया।
उग्र भीड़ ने गाड़ी को धक्का देकर वापस भेज दिया। कुछ देर बाद एसपी दक्षिणी मौके पर पहुंचे तो प्रदर्शनकारियों ने 'पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद,वापस जाओ' के नारे लगाकर विरोध किया। करीब डेढ़ बजे एसपी सिटी निमिष पाटिल भी मौके पर पहुंचे। उन्हें भी पुलिस प्रशासन के विरोध में नारेबाजी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शनकारी लगातार डीएम व एसएसपी को मौके पर बुलाकर वार्ता करने की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि डी एम व एसएसपी के मौके पर पहुंचकर बातचीत करने तक किसी अन्य अधिकारी से वार्ता नहीं की जाएगी। पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों में पुलिस-प्रशासन के प्रति काफी आक्रोश दिखा।
