देवल संवाददाता, बूढ़नपुर। तहसील क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय प्रतापपुर छतौरा में इन दिनों जलजमाव और जर्जर भवन के कारण बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय परिसर में पानी भरा होने के कारण आए दिन बच्चे फिसलकर गिर रहे हैं। इसके चलते कई बच्चे विद्यालय आने से भी कतरा रहे हैं।
विद्यालय की स्थिति इतनी खराब है कि भवन की छत से पानी टपक रहा है। जर्जर भवन को लेकर विद्यालय के अध्यापकों में भी भय बना हुआ है। शिक्षकों का कहना है कि कभी भी छत का कोई हिस्सा टूटकर गिर सकता है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। बरसात के दौरान विद्यालय परिसर में जलजमाव की समस्या और गंभीर हो जाती है।विद्यालय में आने वाले शिक्षक भी अपनी गाड़ियां विद्यालय के बाहर खड़ी करने को मजबूर हैं। अध्यापक बच्चों की साइकिल लेकर किसी तरह कक्षाओं तक पहुंचते हैं। विद्यालय की बदहाल स्थिति को लेकर शिक्षकों और अभिभावकों में चिंता बनी हुई है।वहीं विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर प्रधानाध्यापिका उमा राय से जब संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी का नाम पूछा गया तो वह नाम नहीं बता सकीं। विद्यालय में उस दिन कितने बच्चे उपस्थित थे, इस सवाल पर भी प्रधानाध्यापिका ने कहा कि उन्होंने अभी रजिस्टर नहीं देखा है, रजिस्टर देखने के बाद संख्या बताने की बात कही।इसी दौरान किसी के द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी के विद्यालय पहुंचने की सूचना मिलने पर विद्यालय में हलचल बढ़ गई और प्रधानाध्यापिका रजिस्टर लेकर एक कमरे से दूसरे कमरे में जाती दिखाई दीं।
अध्यापकों का आरोप है कि जब से वर्तमान प्रधानाध्यापिका ने विद्यालय की जिम्मेदारी संभाली है, तब से विद्यालय की स्थिति लगातार खराब होती गई है। विद्यालय में कुल 256 बच्चे, आठ अध्यापक और दो अनुदेशक कार्यरत बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद विद्यालय की मूलभूत व्यवस्थाएं बदहाल हैं।
अभिभावकों का कहना है कि जर्जर भवन और जलजमाव के बीच बच्चों को विद्यालय भेजना जोखिम भरा है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से विद्यालय भवन की तत्काल जांच कराने, जलजमाव की समस्या दूर कराने तथा जर्जर भवन की मरम्मत या पुनर्निर्माण कराने की मांग की है, ताकि किसी अनहोनी से पहले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
