देवल संवाददाता, लखनऊ।हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राजधानी लखनऊ के अलीगंज में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड मामले में बृहस्पतिवार को राज्य सरकार, एलडीए और बिजली विभाग की नाकामी पर इन्हें सख्त फटकार लगाई है। कोर्ट ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए इन्हें मानक प्रक्रिया (एसओपी) पेश करने का आदेश दिया।
घटना के पीड़ितों को मुआवजा देने में भी अलग-अलग पैमाने तय करने पर भी कोर्ट ने नाराजगी जताई है साथ ही मुआवजे के निर्धारण के लिए समान पैमाना तय करने पर जोर दिया। कोर्ट ने मामले के पक्षकारों से जवाब तलब किया कि उन्होंने अब तक क्या किया। मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने यह मौखिक आदेश एक स्थानीय अधिवक्ता की जनहित याचिका पर दिया। याचिका में घटना की स्वतंत्र, समयबद्ध और न्यायालय की निगरानी में जांच समिति के गठन के लिए निर्देश देने के अनुरोध किया गया है।
राज्य सरकार की ओर से सीएससी शैलेंद्र कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि मामले में राज्य सरकार समुचित कार्यवाही कर रही है। राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही भी सुनवाई के दौरान उपस्थित रहे।
स्थानीय अधिवक्ता शिवेंदु पांडेय ने यह जनहित याचिका दायर की है। याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार, भारत सरकार, उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा महानिदेशक, लखनऊ के मुख्य अग्निशमन अधिकारी, लखनऊ के नगर आयुक्त, एलडीए के उपाध्यक्ष, लखनऊ के जिला अधिकारी और पांच अन्य प्राधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है।
