देवल संवाददाता, बलिया में राष्ट्रीय अधिकार संघ के सदस्यों ने गुरुवार दोपहर जिला कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने डीएम प्रतिनिधि को छह सूत्रीय मांग पत्र सौंपा, जिसकी प्रति राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित अन्य अधिकारियों को भी भेजी गई है।
संघ के सदस्यों ने कहा कि संविधान प्रदत्त अधिकारों के संरक्षण और लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराना आवश्यक है।
उनकी प्रमुख मांगों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तिथि 10 या 13 जुलाई 2026 तक घोषित करना शामिल है। इसके साथ ही, पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण सूची भी 10 या 13 जुलाई 2026 तक न्यायालय में होने वाली सुनवाई से पहले जारी की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि पिछड़ा वर्ग आयोग 10 या 13 जुलाई 2026 तक अपनी रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करे।
संघ ने कहा कि यदि पिछड़ा वर्ग आयोग निर्धारित तिथि तक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर पाता है, तो सरकार को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेश (जो मध्य प्रदेश में सुनवाई के दौरान पारित हुआ था) का पालन करते हुए सभी सीटों को सामान्य मानकर चुनाव कराने चाहिए। लगभग 58,000 ग्राम पंचायतों में निर्वाचन कार्यक्रम पारदर्शी, निष्पक्ष और संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार संचालित किया जाए।
संगठन ने जनता के अधिकारों को सुनिश्चित करते हुए पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव की गारंटी देने की मांग की। उन्होंने पांच लाख से अधिक संभावित प्रत्याशियों के भविष्य और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए त्वरित निर्णय लेने पर जोर दिया।
संघ के सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि 10 या 13 जुलाई 2026 तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 14 जुलाई 2026 को वे सब एकजुट होकर लखनऊ में धरना-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि वे विधानसभा पहुंचकर पांच लाख प्रत्याशियों के साथ विशाल प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
