देवल संवाददाता, बलिया में जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार देर शाम कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट निवासी काम जी गोंड़ की कथित तौर पर पुलिस पिटाई से हुई मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। कांग्रेसजनों ने काम जी को न्याय दिलाने की मांग की।
रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ यह कैंडल मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए शहीद चौक स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष पहुंचा। मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता "काम जी गोंड़ को न्याय दो" और "बीजेपी सरकार मुर्दाबाद" जैसे नारे लगा रहे थे।
कांग्रेसियों ने मृतक काम जी गोंड़ की मौत की निष्पक्ष मजिस्ट्रियल जांच कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता, मृतक के बेटे को सरकारी नौकरी और पत्नी को पेंशन देने की भी मांग की। इस दौरान कांग्रेसजनों ने भाजपा सरकार की आलोचना की।
कैंडल मार्च में जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक के नेतृत्व में उषा राय, सागर सिंह राहुल, मुन्ना उपाध्याय, संतोष चौबे चुन्नू सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।
उल्लेखनीय है कि बलिया के रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट निवासी काम जी गोंड़ की मौत 10 जुलाई को वाराणसी के ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि काम जी की मौत पुलिस की पिटाई के कारण हुई है।
दरअसल बीते 7 जुलाई को रेवती थाने के गायघाट निवासी विशाल गोड़, खेदन चौराहे पर सूरज कनौजिया की दुकान पर मुर्गा खरीदने गया था। वहां किसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई। आरोप है कि सूरज कनौजिया ने गाली-गलौज शुरू कर दी और उसके रिश्तेदारों ने लाठी-डंडों से विशाल पर हमला करने की कोशिश की, जिससे विशाल किसी तरह जान बचाकर भागा। विशाल के भागने के बाद, गाँव के प्रधान आशुतोष शंकर सिंह उर्फ लालू और उसके ड्राइवर मनीष यादव ने सूरज कनौजिया को साथ लेकर थाने में विशाल के खिलाफ प्रार्थना-पत्र दे दिया।
पुलिस द्वारा बेरहमी से पिटाई का आरोप
अगले दिन 8 जुलाई को दोपहर करीब 1:20 बजे रेवती थाने के सब-इंस्पेक्टर (SI) सचिन सरोज और कांस्टेबल अंकित सिंह विशाल के घर पहुंचे। पुलिस ने घर में सो रहे विशाल के 42 वर्षीय पिता कामजी गोड़ को जबरन उठा लिया। आरोप है कि ग्राम प्रधान के दबाव में आकर पुलिसकर्मियों ने पहले थाने में कामजी गोड़ की बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद शाम करीब 4:05 बजे ग्राम प्रधान और उसका ड्राइवर मनीष यादव, कामजी गोड़ को अपनी सुपुर्दगी में लेकर एक ईंट भट्ठे पर चले गए, जहां उन्हें दोबारा पीटा गया।
बेहोशी की हालत में मिले काम जी
इसके बाद शाम करीब 6 बजे कामजी गोड़ 'ठगनी माई के बगीचे' के पास बेहोशी की हालत में पाए गए। परिजनों ने उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) रेवती पहुँचाया, जहाँ से गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल बलिया और फिर वहाँ से BHU ट्रॉमा सेंटर, वाराणसी रेफर कर दिया। इलाज के दौरान 10 जुलाई 2026 की रात लगभग 11 बजे कामजी गोड़ ने दम तोड़ दिया। 11 जुलाई को वाराणसी ट्रामा सेंटर में पोस्टमार्टम के बाद रात करीब 11.30 बजे शव गांव लाया गया।
सड़क जाम के बाद दर्ज हुआ था मुकदमा
घटना से नाराज परिजनों सहित ग्रामीणों ने रविवार को रेवती-बलिया मुख्य मार्ग को जाम कर दिया था। आधे घंटे बाद पुलिस ने जाम खुलवा दिया। मृतक के पुत्र विशाल गोड़ की तहरीर पर रेवती थाने में 12 जुलाई 2026 को सूरज कनौजिया, आशुतोष शंकर सिंह उर्फ लालू, मनीष यादव (प्रधान का ड्राइवर), सचिन सरोज (सब-इंस्पेक्टर, थाना रेवती),अंकित सिंह (कांस्टेबल, थाना रेवती) व सूरज कनौजिया के अज्ञात रिश्तेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
आरोपी दरोगा व सिपाही हुए निलम्बित
एसपी ने लापरवाही, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता व अकर्मण्यता पाते हुए उप निरीक्षक सचिन सरोज व आरक्षी अंकित सिंह को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया। इसके साथ ही थानाध्यक्ष रेवती उप निरीक्षक राजकेशर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। पूरे मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी लाइन मंजरी राव को सौंपी गयी है।
