देवल संवाददाता, बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को ग्राम बसंतपुर स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) प्लांट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्लांट परिसर में कूड़े का अंबार देखकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और नगर पालिका परिषद के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने जनवरी से बंद पड़े इस प्लांट को शनिवार से हर हाल में चालू करने के सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्लांट संचालक ने बताया कि कुछ लोगों द्वारा जबरन प्लांट परिसर में कूड़ा डंप किया गया है। साथ ही, पर्याप्त स्थान के अभाव में कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण नहीं हो पा रहा था।
इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल अपर जिलाधिकारी (एडीएम) और लेखपाल को मौके पर बुलाकर नक्शे के आधार पर अतिरिक्त भूमि का चिन्हांकन कराया। उन्होंने निर्देश दिया कि चिन्हित भूमि का तत्काल निरीक्षण कर वहां तक पहुंचने के लिए मार्ग का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए, ताकि शहर का कूड़ा व्यवस्थित रूप से प्लांट तक पहुंचाया जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि उपलब्ध होने के बावजूद नगर पालिका परिषद द्वारा उसका उपयोग न करना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्लांट परिसर में कूड़े का अंबार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
डीएम ने प्लांट संचालक को शनिवार से प्लांट का संचालन शुरू करने का निर्देश दिया। साथ ही, तहसीलदार, लेखपाल और प्लांट संचालक को मौके पर जाकर भूमि का अंतिम रूप से चिन्हांकन करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्लांट परिसर में पौधारोपण कर हरित वातावरण विकसित करने और नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्लांट परिसर स्वच्छ एवं व्यवस्थित दिखना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि नगर पालिका परिषद को कूड़ा निस्तारण के लिए आवश्यक एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) नहीं मिलने के कारण यह प्लांट जनवरी से बंद पड़ा हुआ है, जिससे शहर के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। निरीक्षण में एसडीएम अनिल कुमार, प्लांट संचालक अभिनाश कुमार सिंह, तहसीलदार, लेखपाल एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
