आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर, 14 जुलाई। जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) को अधिक प्रभावी और परिणामकारी बनाने के लिए जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी से सफल होने वाला जनआंदोलन है, इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वच्छता समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण एवं उपयोग, सामुदायिक शौचालयों की कार्यशीलता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम), प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।
बैठक के दौरान उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों में निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित रूप से घर-घर कूड़ा संग्रहण कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि प्रत्येक रिसोर्स रिकवरी सेंटर का संचालन प्रभावी ढंग से किया जाए, ताकि ठोस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित हो सके और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ वातावरण बनाए रखा जा सके।
जिलाधिकारी ने खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) की स्थिति को स्थायी बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए सभी खंड विकास अधिकारियों तथा सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) को निर्देशित किया कि ग्राम सचिवों और सफाई कर्मचारियों के माध्यम से प्रतिदिन सुबह एवं शाम निगरानी कराई जाए। इसके साथ ही ग्रामीणों को शौचालयों के नियमित उपयोग और स्वच्छता के प्रति लगातार जागरूक किया जाए, ताकि अभियान का उद्देश्य पूरी तरह सफल हो सके।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन की सफलता तभी संभव है जब प्रशासन और आमजन मिलकर स्वच्छता को अपनी दैनिक आदत बनाएं। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यों की प्रगति से जिलाधिकारी को अवगत कराया।
