देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। कोन विकास खंड के चकरिया ग्राम पंचायत में बुधवार को पेड़ हैं तो प्राण हैं अभियान के तहत सैकड़ों फलदार पौधों का वितरण किया गया। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन कर प्रस्तावित परियोजनाओं के विरोध में आवाज बुलंद की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संदीप मिश्रा ने कहा कि आदिवासी परिवार उपेक्षा के नहीं, बल्कि आस्था और प्रकृति संरक्षण के केंद्र हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनपद में विकास के नाम पर आदिवासी परिवारों को विस्थापित करने और जंगलों की कटाई की कोशिश की जा रही है, जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि उद्योग स्थापित करने हैं तो ऐसे स्थानों का चयन किया जाए, जहां किसी परिवार का विस्थापन न हो और न ही बड़ी संख्या
में पेड़ों की कटाई करनी पड़े। सरकार का दायित्व लोगों को बसाना है, न कि उन्हें उजाड़ना। पेड़ हैं तो प्राण हैं अभियान के जिला संयोजक रामसूरत सिंह खरवार ने कहा कि जंगलों की कटाई किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के जंगल औषधीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं और कोरोना महामारी के दौरान इनका महत्व सभी ने देखा। ऐसे जंगलों को बचाने के लिए ग्रामीण अंतिम दम तक संघर्ष करेंगे। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर राजू पासवान, जोगेंद्र यादव, रामबहाल खरवार, विंदू अगरिया, गुलाब चेरो, मुनिया खरवार, प्रमिला खरवार, शत्रुधन बिंद, आकाश चौहान, दिनेश चेरो, सुरेश मौर्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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