सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक बीते 18 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने आज बुधवार को सोनम वांगचुक और जंतर-मंतर पर बैठे प्रदर्शनकारियों के लिए एक खुला पत्र लिखा है।
शशि थरूर ने इस ओपन लेटर में सोनम वांगचुक से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। थरूर ने लिखा, 'इस विरोध-प्रदर्शन ने पहले ही देश की अंतरात्मा को जगा दिया है और छात्रों के मुद्दों की लड़ाई अब संसद में लड़ी जानी चाहिए।'
शशि थरूर का सोनम वांगचुक के नाम पत्र
शशि थरूर ने पत्र में लिखा, 'मेरे प्यारे युवा दोस्तों, आज मैं आपसे एक राजनेता या सांसद के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर बात कर रहा हूं जो युवा भारतीयों की आपकी पीढ़ी के साथ हो रही घटनाओं से बहुत परेशान है।'
थरूर ने आगे लिखा, 'यह मामला मेरे लिए व्यक्तिगत है। मेरा जन्म एक मध्यम-वर्गीय परिवार में हुआ था। मेरे पिता अखबार में नौकरी करते थे, मां गृहिणी थीं और एक ही कमाई से तीन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई होती थी। हमारे जैसे परिवार के लिए, मेरिट (योग्यता) कोई नारा नहीं था। स्कॉलरशिप, निष्पक्ष परीक्षाएं, ईमानदार नतीजे, यही एकमात्र तरीका था जिससे एक वेतन से तीन बच्चों के सपने पूरे हो सकते थे।'
कांग्रेस नेता ने आगे बताया, 'मैंने मुंबई और कोलकाता में स्कूल की पढ़ाई की, दिल्ली में कॉलेज किया, यूनिवर्सिटी में टॉप किया और IIM में दाखिला पाया, लेकिन मैंने स्कॉलरशिप पर अमेरिका जाकर अंतरराष्ट्रीय मामलों में अपने जुनून को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना। मुझे विरासत में कुछ नहीं मिला, सब कुछ कड़ी मेहनत और हां, परीक्षाओं के जरिए हासिल किया।'
शशि थरूर ने आगे लिखा, 'इसलिए मैं जानता हूं कि कम और मध्यम आय वाले परिवारों के युवाओं के लिए निष्पक्ष, मेरिट-आधारित सिस्टम ही आगे बढ़ने की एकमात्र सीढ़ी है। जब वह सीढ़ी टूट जाती है, पेपर लीक हो जाते हैं, परीक्षाएं रद हो जाती हैं, भरोसा टूट जाता है तो अमीर और ताकतवर लोगों के बच्चों को नुकसान नहीं होता। उनके पास दूसरी सीढ़ियां होती हैं। यह आपके सपने और आपके परिवारों के त्याग (और दुखद रूप से, कुछ घरों में, खुद युवाओं की जान) के साथ धोखा होता है।'
थरूर ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आगे लिखा, 'जंतर-मंतर पर जमा हुए युवाओं और पूरे भारत में शांति से अपनी आवाज उठाने वालों से यह देश आपकी बात सुन रहा है। आपका गुस्सा अनुशासनहीनता नहीं है — यह उस पीढ़ी का दर्द है जिसने सब कुछ सही किया और फिर भी उसे धोखा मिला। आप अकेले नहीं हैं।'
चुपचाप देख रहे लाखों युवा भारतीयों से थरूर ने आगे कहा, 'आपकी पीढ़ी कोई ऐसी समस्या नहीं है जिसे बस मैनेज किया जाए। आप भारत के भविष्य का जवाब हैं। उम्मीद न छोड़ें। यह सीढ़ी फिर से बनाई जाएगी — आपके द्वारा, और हर उस भारतीय द्वारा जो आपके साथ खड़ा है।'
सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील
सोनम वांगचुक से अपील करते हुए थरूर ने लिखा, 'कृपया अपना अनशन खत्म करें। आपने देश की अंतरात्मा को जगाया है, अनशन का मकसद यही होता है। आगे के लंबे सफर के लिए भारत को आपकी आवाज की जरूरत है।'
शशि थरूर ने आगे लिखा, 'सोमवार से संसद का सत्र फिर शुरू हो रहा है, इसलिए हमें लोकतंत्र के सबसे बड़े मंच पर छात्रों के मुद्दों को उठाने का मौका मिलेगा। समस्या का समाधान वहीं होना चाहिए, न कि आमरण अनशन से। कृपया मेरी गुजारिश पर ध्यान दें।'
कांग्रेस नेता ने सरकार ने अपील करते हुए आगे लिखा, 'आखिर में, सरकार से, मैं आपसे सम्मानपूर्वक आग्रह करता हूं कि आप आगे आएं और उस बातचीत में शामिल हों, जिसकी हमारे लोकतंत्र को अपने युवा नागरिकों से जरूरत है। यह कमजोरी नहीं, बल्कि राजनेताओं वाली समझदारी है।'
सोनम वांगचुक की भूख-हड़ताल जारी
मांसपेशियों के कमजोर होने और बहुत ज्यादा दर्द के बावजूद सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल जारी है, जबकि उनसे 18 दिन से चल रही भूख हड़ताल खत्म करने और सरकार से बातचीत शुरू करने की अपीलें बढ़ रही हैं।
वांगचुक की सेहत बिगड़ने पर, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं ने उनसे भूख हड़ताल खत्म करने को कहा।
