देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम ने पूर्वासी ग्रामीण उत्थान विकास सेवा समिति द्वारा संचालित बाल गृह बालिका राबर्ट्सगंज का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम में अपर जनपद न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) ओमकार शुक्ला तथा सिविल जज (सीडी) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राहुल शामिल रहे। निरीक्षण में पाया गया कि बाल गृह में कुल 51 बालिकाएं आवासित हैं, जिनमें सोनभद्र की 28, मिर्जापुर की 19, शाहजहांपुर की 1 तथा भदोही की 3 बालिकाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त दो नवजात शिशु भी आश्रय गृह में रह रहे हैं। निरीक्षण के दौरान बाल गृह में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक मिली तथा निर्धारित मेन्यू के अनुसार बालिकाओं को नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जा रहा था। अधिकारियों ने बालिकाओं को महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न कानूनों जैसे पॉक्सो अधिनियम, घरेलू हिंसा अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न निषेध अधिनियम, मातृत्व लाभ अधिनियम, पीसीपीएनडीटी अधिनियम, समान पारिश्रमिक अधिनियम, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम सहित अनेक महत्वपूर्ण विधिक प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन, विधिक अधिकार, पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में भी विस्तार से जागरूक किया गया। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्ययोजना 2026-27 के अंतर्गत काशीराम आवास राबर्ट्सगंज के पास कचरा प्रबंधन विषय पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चीफ एलएडीसी शमशेर बहादुर सिंह सहित लगभग 50 नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राहुल ने कहा कि स्वस्थ समाज ही स्वस्थ राष्ट्र की आधारशिला है। उन्होंने लोगों से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग डिब्बों में डालने, जैविक एवं अजैविक कचरे का उचित प्रबंधन करने तथा स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण से होने वाले लाभ तथा लापरवाही से होने वाली पर्यावरणीय एवं स्वास्थ्य संबंधी हानियों की भी विस्तार से जानकारी दी।
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