आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। पिछले एक वर्ष में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार हुई बढ़ोतरी का असर अब आम लोगों की जीवनशैली और खरीदारी की आदतों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। खासकर सोने के दामों में रिकॉर्ड वृद्धि होने के बाद लोग अब सोने के आभूषण पहनने और बच्चों को पहनाने से पहले कई बार सोचने लगे हैं। चोरी, गुम होने या झपटमारी जैसी घटनाओं के डर से अब लोग सोने की जगह चांदी के आभूषणों को प्राथमिकता देने लगे हैं।
बाजार में सर्राफा व्यापारियों के अनुसार पहले जहां छोटे बच्चों को जन्मदिन, मुंडन संस्कार या अन्य पारिवारिक कार्यक्रमों में सोने की चैन, कड़े और अन्य गहने पहनाने का चलन अधिक था, वहीं अब लोग सुरक्षा और बजट को ध्यान में रखते हुए चांदी के आभूषण बनवा रहे हैं। कई परिवारों का कहना है कि छोटे बच्चों के साथ बाहर निकलते समय सोने के गहने पहनाना जोखिम भरा हो गया है।
एक महिला ने बताया कि उनके दोनों बच्चों को मुंडन संस्कार के दौरान रिश्तेदारों ने सोने की चैन उपहार में दी थी, लेकिन बढ़ती कीमतों और चोरी के डर को देखते हुए अब उन्होंने बच्चों को चांदी की चैन पहनाना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि यदि चांदी का आभूषण कहीं खो भी जाए तो आर्थिक नुकसान अपेक्षाकृत कम होता है।
इधर हाल ही में प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा सोने की खरीदारी को लेकर की गई अपील के बाद भी बाजार और आम लोगों के बीच इस विषय पर चर्चा तेज हो गई है। लोग अब छोटे और दैनिक उपयोग वाले गहनों के लिए चांदी को बेहतर विकल्प मान रहे हैं।
ज्योतिष और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार भी बच्चों को चांदी के पायल, कड़े और चैन पहनाना शुभ माना जाता है। कई लोग मानते हैं कि चांदी मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार चांदी में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए लाभकारी माने जाते हैं।
सर्राफा बाजार के जानकारों का कहना है कि यदि सोने की कीमतों में इसी तरह तेजी बनी रही तो आने वाले समय में चांदी के आभूषणों की मांग और अधिक बढ़ सकती है।
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