देवल संवाददाता, मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने अप्रैल माह में पंजीकृत सर्वाधिक मालियत वाले पांच बैनामों का स्थलीय सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान संबंधित भूमि के अभिलेखो,सीमांकन,स्वामित्व एवं मौके की स्थिति का उन्होंने गहन परीक्षण किया। इस दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर संबंधित भूमि एवं विलेखों का निरीक्षण जिलाधिकारी द्वारा किया गया तथा अभिलेखों में अंकित विवरण का वास्तविक स्थिति से मिलान भी किया गया। स्थलीय सत्यापन के दौरान सभी बैनामे मौके पर सही एवं अभिलेखों के अनुरूप पाए गए। जिलाधिकारी ने उपनिबंधक एवं राजस्व विभाग के अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि संपत्ति पंजीकरण एवं राजस्व अभिलेखों में पूर्ण पारदर्शिता बनाई रखी जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पंजीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाए रखने हेतु आगे भी निमित्त रूप से बड़े बैनामों का स्थलीय सत्यापन कार्य जारी रहेगा। जिन पांच बड़ी मालियत के बैनामों का जिलाधिकारी द्वारा सत्यापन किया गया उनमें प्रेमा नेत्र चिकित्सालय प्राइवेट लिमिटेड इमलिया बजरिये प्रबंधक,मौजा ताजोपुर,सीमा सिंह मौजा बकवल,पारुल सिंह मौजा परदहा,वेद प्रकाश सिंह मौजा बहरीपुर तथा सूर्य प्रकाश सिंह मौजा बहरीपुर शामिल है। इन सभी क्रेताओं द्वारा नियमानुसार देय स्टांप शुल्क एवं अन्य कार्यवाहियां स्थलीय सत्यापन के दौरान सही पाई गई। जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त करते हुए आगे भी पूरी प्रक्रिया नियमानुसार तथा पारदर्शी ढंग से पूर्ण करने के निर्देश एआईजी स्टांप एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान एआईजी स्टांप राकेश सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
