देवल संवाददाता, गाजीपुर। हाईकोर्ट इलाहाबाद ने गाजीपुर के एससी/एसटी कोर्ट के खिलाफ सख्त टिप्पणी की है। इस संदर्भ में हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अजय श्रीवास्तव ने बताया कि संजय बनाम स्टेट मुकदमा संख्या 382/2026 में वादी संजय यादव ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल किया कि एससी/एसटी मुकदमे में हमे गिरफ्तारी के समय लिखित आरोप पत्र नहीं मिला कि उसे क्यों गिरफ्तार किया जा रहा है। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और विनाई कुमार द्विवेदी के कोर्ट ने मामले को गंभीरतापूर्वक सुना और इस पर एससी/एसटी कोर्ट के न्यायाधीश अभिमन्यु से हाईकोर्ट ने कमेंट मांगा कि जब गिरफ्तारी के समय आरोपी को लिखित रुप से कारण नही बताया गया और आरोपी ने यह बात कोर्ट को बतायी तो क्यों नहीं आरोपी को राहत दी गई, जबकि कानून के अनुसार गिरफ्तारी के समय हर आरोपी को लिखित रुप से बताया जाता है कि उसे क्यों गिरफ्तार किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने जनपद न्यायाधीश को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि अगर भविष्य में इस कोर्ट द्वारा ऐसा फैसला आये तो न्यायाधीश को लखनऊ ट्रेनिंग के लिए भेज दिया जाये। हाईकोर्ट ने रिमांड आर्डर को रिलिज करते हुए आरोपी को रिहा करने करने का आदेश दिया।
हाईकोर्ट इलाहाबाद ने गाजीपुर के एससी/एसटी कोर्ट के खिलाफ की सख्त टिप्पणी
मई 01, 2026
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