देवल संवाददाता, मऊ।जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में ग्राम विकास, पंचायती राज,वन एवं पशुधन विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं शासन की प्राथमिकताओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मनरेगा कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी श्रमिकों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी कराए जाने के निर्देश दिए। सोशल ऑडिट प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने हेतु जांच टीमों में एडीओ पंचायत एवं संबंधित अधिकारियों को शामिल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिला स्तर से भी टीम गठित कर रैंडम जांच कराने को कहा गया।पंचायती राज विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को अधिक से अधिक गांवों को ओडीएफ बनाने के साथ-साथ ओडीएफ प्लस गांव विकसित करने हेतु विशेष प्रयास करने तथा इसके लिए ग्राम प्रधानों को प्रेरित करने को कहा।सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि जनपद की कुल 343 इकाइयों में मात्र 60 इकाइयां ही क्रियाशील हैं,जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि इस माह के अंत तक कम से कम 200 सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट इकाइयों को क्रियाशील किया जाए।बैठक में सामुदायिक शौचालयों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने केयरटेकरों का नियमित भुगतान सुनिश्चित करने तथा सभी सामुदायिक शौचालयों को पूर्ण रूप से संचालित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जर्जर पंचायत भवनों की सूची तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजने तथा उत्सव भवनों के निर्माण हेतु जिन विधानसभाओं में भूमि उपलब्ध नहीं है,उनकी सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों के सभी सदस्यों का ई-केवाईसी पूर्ण कराने तथा प्रत्येक ब्लॉक मॉडर्न सीएलएफ विकसित करने के निर्देश दिए।पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बृहद गौशालाओं के निर्माण हेतु भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं पर विशेष ध्यान देने,शासन की प्राथमिकताओं,रैंकिंग निर्धारित करने वाले बिंदुओं एवं समीक्षा बिंदुओं पर फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग, कार्यालयों में समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा जनसुनवाई के दौरान शिकायतकर्ताओं के साथ संवेदनशील एवं सकारात्मक व्यवहार करने पर विशेष बल दिया। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी विवेक श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
