कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) तेजवीर सिंह के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी जलालपुर के कुशल नेतृत्व में थाना जैतपुर पुलिस द्वारा हत्या की घटना का सफल अनावरण करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।जरिए पीआरबी सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम आशापार में एक व्यक्ति पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा धारदार हथियार से हमला किया गया है। घायल को तत्काल सीएचसी जलालपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सक द्वारा मृत घोषित कर दिया गया। मृतक की पहचान संतोष तिवारी पुत्र स्व0 राममूरत तिवारी, उम्र लगभग 48 वर्ष, निवासी ग्राम आशापार थाना जैतपुर जनपद अम्बेडकरनगर के रूप में हुई। पंचायतनामा की कार्यवाही पूर्ण कर शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया। मौके पर फील्ड यूनिट एवं एसओजी टीम द्वारा साक्ष्य संकलन किया गया था।मृतक की पत्नी कमला देवी द्वारा बताया गया कि रात्रि लगभग 01:00 बजे एक अज्ञात व्यक्ति बनियान एवं लोअर पहने घर में आया तथा उनके पति पर हमला कर फरार हो गया, जिसे उन्होंने पीछे से देखा था। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना जैतपुर पर मु0अ0सं0 65/2026 धारा 103(1) बीएनएस व बाद में धारा 238(A) बीएनएस की वृद्धि करते हुए अभियोग पंजीकृत किया गया।उक्त प्रकरण में विवेचना एवं साक्ष्य संकलन के आधार पर अभियुक्त मोनू उर्फ इन्द्रमणि तिवारी पुत्र स्व0 माताप्रसाद निवासी आशापार थाना जैतपुर जनपद अम्बेडकरनगर, उम्र लगभग 32 वर्ष को दिनांक 01.05.2026 को समय करीब 02:50 बजे आशापार ट्रांसफार्मर नहर पुलिया के पास से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के कब्जे से एक अदद कुल्हाड़ी का बेंट बरामद हुआगिरफ्तार अभियुक्त कोनियमानुसार न्यायालय अम्बेडकरनगर भेजा गया अभियुक्त के द्वारा बताया गया कि शराब पीने की लत के कारण उसके चाचा उसके कार्यों में लगातार रोक-टोक करते थे तथा लोगों के सामने डांट-फटकार कर उसे अपमानित करते थेअभियुक्त ने बताया कि उसकी शादी भी अब तक नहीं हो पाई, क्योंकि चाचा द्वारा उसके संबंध में नकारात्मक बातें बताई जाती थीं, जिससे उसे मानसिक आक्रोश रहता था। वह चाचा द्वारा बार-बार डांटे जाने व सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने से आक्रोशित था। दिनांक 25.04.2026 की शाम को उसके चाचा बारात में जा रहे थे । उन्होने उससे कहा कि घर पर ही रहना कहीं बाहर नहीं जाना क्योंकि घर पर केवल महिलाएं हैं । लेकिन वह नहीं माना फिर से शराब का सेवन कर लिया। इस बात को लेकर उन्होंने उसे पुनः कई लोगों के सामने डांटा, जिससे वह अत्यधिक क्रोधित हो गया और उसने मन में अपने चाचा की हत्या करने का निश्चय कर लियाअभियुक्त के अनुसार उसने पहले से एक कुल्हाड़ी की व्यवस्था कर ली थी। रात्रि में जब उसके चाचा बारात से लौटकर गौशाला के पास मच्छरदानी लगाकर सो रहे थे, तब वह पीछे से धीरे-धीरे आया और मच्छरदानी हटाकर कुल्हाड़ी से उनके गर्दन पर वार कर दिया जिससे उनकी मृत्यु हो गई घटना के दौरान पास में सो रही उसकी चाची के जागने पर अभियुक्त वहां से भाग निकला तथा कुल्हाड़ी का बेंत रास्ते में पुलिया के नीचे फेंक दिया ।
