देवल संवाददाता, बलिया कलक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) के बैनर तले उत्तर प्रदेश उत्तराखंड मेडिकल सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन (यूपीएमएसआरए) सहित अन्य फ्रंटल संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी प्रतिनिधि को सौंपते हुए मजदूरों की समस्याओं और नियोक्ताओं द्वारा किए जा रहे कथित शोषण पर गंभीर चिंता जताई।
संगठन ने आरोप लगाया कि नियोक्ता श्रम कानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं और विरोध करने वाले यूनियन नेताओं व कर्मचारियों के खिलाफ झूठे पुलिस मामले दर्ज कराए जा रहे हैं। इसके चलते श्रमिकों के लोकतांत्रिक और कानूनी अधिकारों का दमन किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सभी गिरफ्तार मजदूरों और कार्यकर्ताओं को तुरंत और बिना शर्त रिहा किया जाए। साथ ही सभी झूठे मुकदमों को वापस लेने और अवैध हिरासतों को समाप्त करने की अपील की गई।
न्यूनतम वेतन, सुरक्षा और श्रम सुधारों की मांग
यूपीएमएसआरए ने 26,000 रुपये न्यूनतम मजदूरी लागू करने, 8 घंटे कार्य दिवस, डबल ओवरटाइम भुगतान और कार्यस्थल सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। साथ ही ठेका श्रम व्यवस्था खत्म कर नियमितीकरण करने और चार श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग की गई।
इसके अलावा, सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों के लिए बेहतर भत्ता, यात्रा भत्ता बढ़ाने और निश्चित अवधि रोजगार (FTE) पर नियुक्ति पर रोक लगाने की भी मांग रखी गई।
श्रमिक अधिकारों की सुरक्षा पर जोर
संगठन ने कहा कि श्रमिकों और ट्रेड यूनियनों के संवैधानिक अधिकारों पर किसी भी प्रकार का हमला स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल रहे और उन्होंने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
