देवल संवाददाता,मऊ।अधिशासी अभियंता नरेश कुमार, विद्युत पारेषण खण्ड, मऊ द्वारा जनहित में यह सूचित किया जाता है कि जनपद मऊ के अंतर्गत आने वाली 132 KV एवं 400 KV की अति-उच्च शक्ति विद्युत लाइनों के सुरक्षा गलियारे (27 मीटर कॉरिडोर) में बढ़ते अतिक्रमण और अवैध निर्माणों पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है।प्रभावित होने वाले समस्त क्षेत्रों की सूची,इन लाइनों का जनपद के निम्नलिखित क्षेत्रों में है।निजामुद्दीनपुरा, ईमिलिया, चांदमारी, शास्त्री नगर, सहादतपुरा, फातिमा हॉस्पिटल, बुध कॉलोनी, एमिलिया पुलिस लाइन, गाजीपुर राइस गांव, अरूसा भार लाडपुर तिराहा, भीटी, सेल्फी प्वाइंट बलिया मोड, डांडीचट्टी, कोपागंज, इटौरा, कसारा, इंदारा, अदरी, भलया, सुल्तानपुर, बकवल, डुमराव, बढ़ुआ गोदाम, रघुनाथपुर, मटेहू, बिजौरा, हरकरनपुर, पिपराडीह, हलीमाबाद, शहरामपुरा, तेजपुर, गालिबपुर, कमालापुर, शेख अहमदपुर, करजोली, धर्मशीपुर, खुरहठ, महासो, हाजीपुर, तहसील-सदर, मुहम्मदाबाद गोहना,बड़ागांव, (जगदरा),साहुबारी,चकरा, मिश्रौली,भुवालपुर,परमानंद पट्टी, सलाहाबाद,बरलाई,भूपतनगर, रेनी,भवरेपुर,काझाकुर्द, हककीकतपुरा,शाहपुर,मझौली, हलधरपुर आदि आबादी क्षेत्रों से होकर गुजर रही है।उपरोक्त आबादी क्षेत्रों से गुजरने वाली लाइनों के नीचे मकान या भवन का निर्माण करना गैर-कानूनी है। हाई-वोल्टेज लाइनों में फाल्ट आने की स्थिति में भीषण जान-माल की हानि हो सकती है। ऐसे किसी भी हादसे के लिए उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड जिम्मेदार नहीं होगा।
पतंगबाजी के लिए चाइनीज मांझा या लोहे के बारीक तार का प्रयोग कतई न करें। यह मांझा विद्युत का सुचालक होता है, जिससे न केवल विद्युत आपूर्ति बाधित होती है, बल्कि पतंग उड़ाने वाले व्यक्ति को जानलेवा करंट लगने की प्रबल संभावना रहती है।विद्युत लाइनों के नीचे अवैध अतिक्रमण करने वालों और प्रतिबंधित मांझा का प्रयोग करने वालों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्यवाही एवं भारी जुर्माने का प्रावधान है।उन्होंने सभी सम्मानित नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे स्वयं की और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए विद्युत टावरों एवं लाइनों से उचित दूरी बनाए रखें।
