देवल संवाददाता, आजमगढ़ जनपद के माहुल क्षेत्र में संचालित निजी चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के आदेश और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ/प्रभारी निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान डॉ. आलेन्द्र कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
औचक निरीक्षण के दौरान कई निजी क्लीनिक, हॉस्पिटल और डायग्नोस्टिक सेंटरों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि कई संस्थानों में आवश्यक पंजीकरण और अद्यतन अभिलेख उपलब्ध नहीं थे। इसके अलावा फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र का अभाव, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियमों की अनदेखी तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी का न होना भी प्रमुख खामियों में शामिल रहा। विद्युत व्यवस्था और साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई।
निरीक्षण के दौरान माहुल स्थित सिटी हॉस्पिटल एंड चाइल्ड केयर में गंभीर कमियां मिलने पर उसके ऑपरेशन थिएटर (ओटी) को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। वहीं संजीवनी क्लीनिक (अंगीकृत), मेट्रो पैथोलॉजी लैब और अनस मेमोरियल हेल्थ केयर सेंटर को नोटिस जारी करते हुए तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने और सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा में मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानों के लिए शासन के नियमों का पालन अनिवार्य है, ताकि आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि ऐसे निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, जिससे लापरवाह संस्थानों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
