देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। गुप्तकाशी सेवा ट्रस्ट के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिलाधिकारी चर्चित गौड़ से मुलाकात कर तरिया कैमूर वन क्षेत्र में प्रस्तावित पावर परियोजनाओं का विरोध जताते हुए ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने वन क्षेत्र को पर्यावरण, वन्य जीवों और मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इसे संरक्षित करने की मांग की।
ट्रस्ट के संस्थापक रवि प्रकाश चौबे ने बताया कि तरिया कैमूर क्षेत्र उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख सघन वन क्षेत्र है, जहां भित्ति चित्र, प्राकृतिक जल श्रोत और दुर्लभवनस्पतियां बड़ी संख्या में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यहां चिरौंजी, महुआ, हर्रा,
बहेरा, आंवला तथा साखू, विजयशाल और करम जैसे बहुमूल्य वृक्ष पाए जाते हैं, जो पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद जरूरी हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वन क्षेत्र में पावर परियोजनाएं लगाए जाने से प्राकृतिक संसाधनों और वन्य जीवों को भारी नुकसान पहुंचेगा। साथ ही सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली जनपदों में पर्यावरणीय संकट उत्पन्न होने की आशंका भी जताई गई। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र घाघर, वेलन और कर्मनाशा नदियों का प्रमुख आधार है, जिससे लाखों लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने बताया कि इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई है, जिस पर सुनवाई जारी है। उन्होंने कहा कि न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बावजूद क्षेत्र में किसी भी प्रकार का कार्य कराया जाना न्यायालय की अवमानना के समान होगा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को गुप्तकाशी स्मारिका भेंट कर सम्मानित भी किया तथा पिछले 15 वर्षों से संचालित गुप्तकाशी दर्शन यात्रा की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल में सत्य प्रताप सिंह, श्रीकांत त्रिपाठी, स्वामी ध्यानानंद महाराज, धर्मेंद्र कुमार पांडेय, सौरभकांत तिवारी, राजन दूबे समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
.jpg)