देवल संवाददाता, आजमगढ़। जिले के सरकारी तंत्र में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आज़ाद अधिकार सेना का मोर्चा आखिरकार रंग लाया। पिछले 19 दिनों से कलेक्ट्रेट स्थित अंबेडकर पार्क से शुरू हुआ धरना प्रदर्शन जब रिक्शा स्टैंड पहुंचा, तो जिलाध्यक्ष अशोक सिंह ने आमरण अनशन का बिगुल फूंक दिया।
जिसके बाद प्रशासनिक गलियारों में मचे हड़कंप के बीच, अनशन के दूसरे दिन ही एडीएम गंभीर सिंह को खुद मौके पर दौड़ना पड़ा। एडीएम ने धरनार्थियों को साफ आश्वस्त किया कि IGRS और RTI मामलों में हो रहे कथित भ्रष्टाचार की गहन जांच होगी, दोषियों पर सख्त गाज गिरेगी और पीड़ितों को त्वरित न्याय मिलेगा। इसके बाद एडीएम ने खुद जिलाध्यक्ष अशोक सिंह को मीठा और जल पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया। जिलाध्यक्ष अशोक ने कहा कि यह आंदोलन भले ही रुक गया हो, लेकिन अब सबकी नजरें प्रशासन के इस 'एक्शन' वाले वादे पर टिकी हैं।
इस धरने में सुनील चौधरी, नन्दसेन सिंह, किरन देवी, प्रीति सरोज, विपिन राय, शीला देवी, फूलमती देवी, बादामी देवी, सुजीत दुबे, प्रशांत सिंह, बरखू पासवान, बद्री सिंह सहित अन्य लोग शामिल रहे।
