आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के कार्डियोलॉजी विभाग में पहली बार स्थायी पेसमेकर प्रत्यारोपण की सफल प्रक्रिया पूरी कर एक नई उपलब्धि हासिल की गई है। इस सफलता के साथ मेडिकल कॉलेज में अब हृदय रोगों के उन्नत उपचार और पेसमेकर प्रत्यारोपण की सुविधा औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। इससे जनपद जौनपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख करने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाएगी।
जानकारी के अनुसार खुटहन क्षेत्र के 68 वर्षीय एक मरीज को गंभीर हृदय संबंधी समस्या के चलते मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान चिकित्सकों ने पाया कि मरीज की हृदय गति अत्यधिक धीमी और अनियमित हो रही थी, जिससे उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी। विशेषज्ञों ने मरीज की हालत को देखते हुए स्थायी पेसमेकर प्रत्यारोपण को आवश्यक बताया।
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर आर. बी. कमल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर ए. ए. जाफरी तथा जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार के निर्देशन में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आनंद कुमार सिंह एवं उनकी टीम ने सफलतापूर्वक पेसमेकर प्रत्यारोपण की प्रक्रिया को अंजाम दिया। ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकीय टीम ने पूरी सावधानी, तकनीकी दक्षता और अनुभव का परिचय दिया।
सफल ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति सामान्य और स्थिर बताई जा रही है। फिलहाल उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानाचार्य प्रोफेसर आर. बी. कमल ने पूरी कार्डियोलॉजी टीम को बधाई देते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज जौनपुर लगातार आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार कर रहा है। उनका कहना था कि उद्देश्य यह है कि जनपद के लोगों को महानगरों जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराई जा सकें।
इस सफल प्रक्रिया में डॉ. मोहम्मद शादाब, डॉ. सिद्धार्थ कुमार सहित अन्य सहायक कर्मचारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं पेसमेकर टेक्निकल टीम में अशोक यादव, कासिफ अहमद और विवेक ने विशेष सहयोग प्रदान किया।
