देवल संवाददाता, गाजीपुर। जनपद में संभावित बाढ़ एवं कटाव की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में बाढ़ पूर्व तैयारियों, कटाव निरोधक कार्यों की प्रगति तथा विभिन्न विभागों द्वारा बाढ़ अवधि में की जाने वाली व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व), जिला विकास अधिकारी, चिकित्सा विभाग के अधिकारी, तथा जिलाधिकारी बैठक में वर्चुवल के माध्यम से समस्त उप जिलाधिकारी सहित अन्य विभिन्न विभागों के सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन अधिशासी अभियन्ता, देवकली पम्प नहर प्रखण्ड-प्रथम, गाजीपुर द्वारा किया गया। उन्होंने जनपद में संचालित बाढ़ कटाव निरोधक परियोजनाओं, तटबंधों की स्थिति, संवेदनशील क्षेत्रों में चल रहे कार्यों तथा बाढ़ के दौरान विभागीय समन्वय के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। साथ ही बाढ़ से प्रभावित होने वाले संभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों के बारे में भी अवगत कराया गया। जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे बाढ़ एवं कटाव निरोधक कार्यों का नियमित निरीक्षण करें तथा कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी कार्य बाढ़ आने से पूर्व सुरक्षित एवं मानक के अनुरूप पूर्ण करा लिए जाएं। जिलाधिकारी ने बाढ़ चौकियों पर पेयजल, प्रकाश, दवा, नाव, खाद्यान्न, संचार व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में त्वरित कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। बैठक में उप निदेशक कृषि को किसानों का फसल बीमा समय से कराने तथा किसानों को योजनाओं के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त मुख्य चिकित्साधिकारी को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पशुपालन विभाग को पशुओं हेतु आवश्यक दवाओं एवं टीकाकरण की तैयारी रखने को कहा गया। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियन्ता, देवकली पम्प नहर प्रखण्ड-प्रथम को निर्देशित किया कि बाढ़ काल प्रारम्भ होने से पूर्व सभी कटाव निरोधक कार्य पूर्ण कराए जाएं तथा जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर 24 घंटे निगरानी एवं सूचना आदान-प्रदान की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
