भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी के विदेशी दौरों और उन पर हुए भारी-भरकम खर्च को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
पात्रा ने राहुल गांधी की घोषित आय और उनके विदेश दौरों पर हुए कथित खर्च के बीच के बड़े अंतर को उजागर करते हुए यह पूछा है कि आखिर इन यात्राओं के लिए फंडिंग का स्रोत क्या है।
विदेशी दौरों पर खर्च 60 करोड़
संबित पात्रा ने आंकड़ों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि साल 2004 से 2026 के बीच राहुल गांधी ने 54 व्यक्तिगत (निजी) विदेश यात्राएं की हैं। उन्होंने दावा किया कि इन यात्राओं पर लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसमें कोई भी आधिकारिक सरकारी या संसदीय दौरा शामिल नहीं है।
पात्रा ने राहुल गांधी के चुनावी हलफनामों का जिक्र करते हुए कहा कि आकलन वर्ष 2013-14 से 2022-23 तक फॉर्म 26 के हलफनामों में उनके द्वारा घोषित आय के विवरण के आधार पर, 10 वर्षों में उनकी कुल घोषित आय 11 करोड़ रुपये थी। ऐसे में सवाल उठता है कि जब आय 11 करोड़ रुपये थी, तो विदेशी यात्राओं पर 60 करोड़ रुपये कैसे खर्च किए गए?
22 साल में 54 विदेश यात्राएं
बीजेपी सांसद ने यह भी बताया कि राहुल गांधी पिछले 22 वर्षों से एक निर्वाचित जन-प्रतिनिधि के पद पर हैं। सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस दौरान उन्होंने इटली, ब्रिटेन (UK), अमेरिका (US), जर्मनी, वियतनाम, सिंगापुर, बहरीन, मालदीव, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे कई देशों की कुल 54 विदेश यात्राएं की हैं।
दौरे ऑन-रिकॉर्ड, लेकिन फंडिंग की जानकारी नही
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पात्रा ने इस बात पर जोर दिया कि राहुल गांधी की ज्यादातर विदेश यात्राएं ऑन-रिकॉर्ड हैं और किसी से छिपी नहीं हैं। इन यात्राओं के लिए पब्लिक होस्ट पेज, प्रेस कार्यक्रम, संसद से अनुपस्थिति के रिकॉर्ड और तस्वीरों से जुड़े पक्के सबूत मौजूद हैं।
अपनी बात को खत्म करते हुए पात्रा ने सीधा सवाल दागा कि मेरा मुख्य बिंदु यही है कि भले ही ये सभी यात्राएं सार्वजनिक रूप से की गई थीं, लेकिन इनके पीछे जो फंडिंग हुई है और उसका जो रूट है, वह आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
