देवल, ब्यूरो चीफ,डाला, सोनभद्र। नगर पंचायत डाला बाजार के गठन को लगभग पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी नगर पंचायत के कई वाहनों का अब तक विधिवत रजिस्ट्रेशन तक नहीं कराया गया है। बिना नंबर प्लेट और पहचान के चल रही इन गाड़ियों से कई बार हादसे होने की चर्चा भी सामने आई, लेकिन वाहन की पहचान स्पष्ट न होने के कारण मामले को दबाकर निपटाए जाने का आरोप लग रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत की गाड़ियां सफाई, पानी आपूर्ति और अन्य कार्यों में लगातार उपयोग में लाई जा रही हैं, लेकिन इनके कागजी दस्तावेज पूरे नहीं हैं। ऐसे में किसी दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो जाता है। यह स्थिति न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है बल्कि सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही की मंशा पर भी सवाल खड़े करती है। बताया जा रहा है कि बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे वाहनों से पूर्व में भी छोटे-बड़े हादसे हुए, मगर पहचान न होने और आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण मामलों को आपसी समझौते में निपटा दिया गया। इससे पीड़ितों को न्याय मिलने पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है। नगर क्षेत्र के नागरिकों ने मांग की है कि सभी वाहनों का तत्काल रजिस्ट्रेशन कराया जाए, उन पर स्पष्ट नंबर अंकित किए जाएं और वाहन चालकों का भी विवरण सार्वजनिक किया जाए। साथ ही अब तक बिना रजिस्ट्रेशन वाहन चलाने के मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो किसी बड़ी दुर्घटना की स्थिति में गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर नियमों को दरकिनार कर नगर पंचायत की गाड़ियां किसके संरक्षण में सड़कों पर दौड़ रही हैं और जिम्मेदार अधिकारी अब तक मौन क्यों हैं।
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