देवल, ब्यूरो चीफ,देश को आजाद हुए लगभग 79 वर्ष पूरा हो चुका है इस गांव का कच्चा रास्ता आज भी विकास की राह देख रहा है।हम बात कर रहे हैं उस नगर पालिका क्षेत्र की जहां पालिका का सत्ता परिवर्तन होने के बाद जुबानी तौर पर विकास की गंगा बहती है।
अकबरपुर नगर पालिका क्षेत्र के कुछ वार्डों में आज भी कुछ ऐसे रास्ते हैं जिन्हें बरसात के पहले बनवाना बहुत ही ज्यादा आवश्यक है। सदरपुर वार्ड का मामला.....शायद ऐसे रास्तो पर ना तो आज तक क्षेत्रीय सभासदों की नजर पड़ी और ना ही पालिका अध्यक्ष की शायद पालिका के कर्मचारियों ने भी ऐसे रास्तों को बनवाना मुनासिब नहीं समझा जिसके लिए ना तो क्षेत्रीय सभासद ने आवाज उठाई और ना ही मौजूदा पालिका अध्यक्ष ने
सवाल उन जनता के द्वारा चुने गए प्रत्याशियों से हैं।
जो चुनाव के पहले गांव की हर गलियों से वाकिफ होते हैं
और चुनाव जीतने के बाद उन गलियों को भूल जाते हैं।
