पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच शांति-वार्ता के पूरी तरह विफल होने के बाद अब इस मामले में रूस की एंट्री हो गई है।
रूस ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कराने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही रूस ने इस युद्ध की जड़ यानी कि ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम का भी हल निकाल लिया है।
रूस ने अमेरिका-ईरान के सामने रखा प्रस्ताव
रूस की तरफ से आज सोमवार को कहा गया कि अमेरिका और ईरान बीच भविष्य में होने वाले किसी शांति समझौते के तहत हम ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को अपने पास रखने के लिए तैयार हैं।
रूस खुद एक ऐसा देश है, जिसके पास दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु हथियारों का जखीरा है। वहीं रूस ने पहले भी कई बार अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते के हिस्से के तौर पर ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को अपने पास रखने की पेशकश की है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने सोमवार को समाचार एजेंसी एएफपी के सवाल के जवाब में पत्रकारों से कहा, 'यह प्रस्ताव राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका और इस क्षेत्र के अन्य देशों के साथ बातचीत के दौरान रखा था। यह पेशकश अभी भी कायम है, लेकिन इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।'
ट्रंप की धमकी की रूस ने की आलोचना
क्रेमलिन ने ट्रंप की उस धमकी की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' की नाकेबंदी करने की बात कही थी। पेस्कोव ने कहा, 'इस तरह की कार्रवाइयों का अंतरराष्ट्रीय बाजार पर नकारात्मक असर पड़ना जारी रहने की आशंका है।'
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बीते दिन रविवार, 12 अप्रैल को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से टेलीफोन पर बातचीत भी की थी।
इंटरफैक्स समाचार एजेंसी के अनुसार, पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति से कहा कि रूस मिडिल ईस्ट में स्थायी समाधान के लिए अपनी सुविधा प्रदान करने के प्रयासों को जारी रखने के लिए तैयार है।
