आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों को नई दिशा देते हुए एनाटॉमी विभाग द्वारा एक आकर्षक और ज्ञानवर्धक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह आयोजन महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. आर.बी. कमल के निर्देशन में तथा विभागाध्यक्ष प्रो. भारती यादव के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों के रचनात्मक कौशल को निखारना और जटिल विषयों को सरल तरीके से समझने की क्षमता विकसित करना था।
इस प्रदर्शनी में एमबीबीएस प्रथम वर्ष एवं सहबद्ध (पैरामेडिकल) पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने मानव शरीर रचना विज्ञान (एनाटॉमी) से जुड़े विभिन्न अंगों और संरचनाओं के सुंदर, सटीक और शिक्षाप्रद मॉडल एवं चित्र प्रस्तुत किए। विशेष रूप से घुटने के जोड़ (नी जॉइंट), यकृत, पित्ताशय तथा अग्न्याशय जैसे अंगों के विस्तृत चार्ट और प्रतिरूप प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षण रहे।
प्रदर्शनी की सफलता में विभाग की संकाय टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रूचिरा सेठी सहित डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. अर्चना चौधरी एवं पीजी जूनियर रेजिडेंट्स—डॉ. दिग्वेश यादव, डॉ. सैयद उस्मान, डॉ. सत्यप्रकाश, डॉ. ज्योत्सना और डॉ. रेफत जहान ने अपने मार्गदर्शन, मेहनत और रचनात्मक सोच से कार्यक्रम को प्रभावशाली बनाया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में उनकी मेहनत और विषय की गहरी समझ स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य प्रो. आर.बी. कमल ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक मॉडल विद्यार्थियों की परीक्षाओं, विशेषकर बहुविकल्पीय प्रश्नों को समझने में अत्यंत सहायक होते हैं। उन्होंने छात्रों को अनुशासन और विनम्रता बनाए रखने की सलाह देते हुए आश्वस्त किया कि शिक्षक सदैव उनके मार्गदर्शन के लिए तत्पर हैं। साथ ही उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
प्रदर्शनी के दौरान वरिष्ठ संकाय सदस्यों और अधिकारियों ने विद्यार्थियों के कार्यों का अवलोकन कर उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ छात्रों में आत्मविश्वास, सृजनात्मकता और विषय की गहन समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को सामने लाने का मंच बना, बल्कि उनके शैक्षणिक ज्ञान को व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करने का एक प्रभावी माध्यम भी साबित हुआ।
इस अवसर पर उप-प्रधानाचार्य प्रो. आशीष यादव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. ए.ए. जाफरी, बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष प्रो. तबस्सुम यासमिन सहित अनेक चिकित्सा शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
