देवल संवाददाता, आजमगढ़। जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना तहबरपुर पुलिस ने सराहनीय कार्य करते हुए ठगी के शिकार एक पीड़ित के 18,000 रुपये वापस कराए हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित को राहत मिली है।
मामले के अनुसार, ग्राम सेमरी निवासी विकास को 28 मार्च 2026 को एक अज्ञात कॉलर ने फोन कर ब्लैकमेल किया। कॉलर ने आरोप लगाया कि वह ऑनलाइन आपत्तिजनक वीडियो देखता है और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस डर से घबराकर पीड़ित ने 18,000 रुपये ठग के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
बाद में ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने एनसीआरपी (National Cyber Crime Reporting Portal) पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही थाना तहबरपुर पुलिस सक्रिय हुई और जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान उपनिरीक्षक सुर्लभ पाण्डेय ने संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की, जिसके परिणामस्वरूप पीड़ित की पूरी धनराशि 18,000 रुपये वापस कराई गई।
पुलिस ने इस दौरान आम लोगों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों के बारे में भी जागरूक किया। अधिकारियों ने बताया कि फर्जी कॉल या मैसेज के जरिए डराकर या लालच देकर पैसे मांगना, फर्जी लिंक या ऐप के माध्यम से बैंक डिटेल हासिल करना, केवाईसी अपडेट, लॉटरी या नौकरी के नाम पर ठगी जैसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
बचाव के लिए पुलिस ने सलाह दी है कि किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें, ओटीपी और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें, संदिग्ध लिंक या ऐप डाउनलोड करने से बचें और पैसे ट्रांसफर करने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल कर लें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक लोकेशमणि, उपनिरीक्षक सुर्लभ पाण्डेय, महिला कांस्टेबल अमृता यादव, कांस्टेबल अमित कुमार यादव और कांस्टेबल किशन मिश्रा की अहम भूमिका रही।
