पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) के आगामी सीजन में स्टेडियम खाली रहेंगे। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने फैसला किया है कि आने वाले सीजन में दर्शक स्टेडियम में मैच देखने नहीं आएंगे। पीसीबी ये फैसला सुरक्षा कारणों से लिया है। हालांकि, इससे बोर्ड को करोडों का नुकसान होना तय है।
दरअसल, पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के चलते ये फैसला किया गया है। इस समय ईरान- इजरायल और अमेरिका के बीच युद्ध छिड़ा हुआ है। इससे काफी चीजें प्रभावित हैं। पाकिस्तान के पड़ोसी मुल्क संयुक्त अरब अमीरात का दुबई शहर भी इससे प्रभावित है।
दो शहरों में होगा टूर्नामेंट
26 मार्च से शुरू हो रहे टूर्नामेंट को इस बार सिर्फ दो शहरों में ही खेला जाएगा। वैसे ये लीग पाकिस्तान के छह शहरों में खेली जाती है। पीसीबी के चीफ मोहसिन नकवी ने रविवार को कहा है कि जब तक हालात नहीं सुधर जाते तब तक स्टेडियम में दर्शकों को आने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा इस बार लीग की ओपनिंग सेरेमनी भी नहीं होगी। नकवी ने कहा है कि लीग के मैच सिर्फ कराची और लाहौर में खेले जाएंगे। लीग का पहला मैच लाहौर कलंदर्स और हैदराबाद किंग्समैन के बीच खेला जाना है।
मीडिया से बात करते हुए नकवी ने कहा कि इस मामले में काफी दिनों से पाकिस्तानी सरकार, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सुरक्षा एजेंसियों से बात की जा रही थी और अंतिम फैसला देश की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर लिया गया है। नकवी ने कहा, "पीएसएल हमारा इंटरनेशनल ब्रांड है। कई सारे इंटरनेशनल खिलाड़ी इसमें शामिल हैं। हम टूर्नामेंट को कैंसिल नहीं कर सकते। हमने टूर्नामेंट जारी रखने का फैसला किया है और 26 मार्च को पहला मैच खेला जाएगा। 25-30 हजार लोगों की मेजबानी करना आसान नहीं है। जब तक संकट खत्म नहीं हो जाता, मैदान में दर्शक नहीं होंगे।"
मिलेगा रिफंड
नकवी ने कहा है कि जिन दर्शकों ने मैच के टिकट खरीद लिए थे उनको रिफंड मिल जाएगा। प्रधानमंत्री ने सभी से अपील की है कि पूरे पाकिस्तान को तेल संकट को देखते हुए अपनी गतिविधियां सीमित कर देनी चाहिए। हमने स्कूल बंद कर दिए हैं और संस्थाओं को घर से काम करने को कहा है। हमने ईद की छुट्टियां भी बढ़ा दी हैं। हम नहीं जानते कि ये लड़ाई कितने दिन चलेगी। जिन लोगों ने टिकट खरीद लिए हैं उनको अगले 72 घंटों में रिफंड मिल जाएगा।"