देवल, ब्यूरो चीफ,संतोष सोनी,बीना, सोनभद्र। शक्तिनगर-अनपरा मुख्य मार्ग पर उड़ती राखड़ और कोल डस्ट ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। जयंत से अनपरा तक करीब 18 किलोमीटर का यह मार्ग अब किलर रोड बन चुका है, जहां आएदिन हादसे हो रहे हैं। एक ओर भीषण गर्मी और दूसरी ओर सड़कों पर उड़ती धूल ने खासकर दोपहिया वाहन चालकों की हालत खराब कर दी है। एनटीपीसी विंध्यनगर से निकलने वाली राखड़ और एनसीएल क्षेत्रों से कोयला ढोने वाले भारी वाहन जैसे हाइवा, बल्कर व ट्रेलर सड़कों पर राख गिरा रहे हैं, जिससे गुजरते वाहनों के साथ धूल का घना गुबार उठता है और कई बार आगे का रास्ता तक दिखाई नहीं देता। लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर चलना यमराज से सामना करने जैसा हो गया है, जहां दिनभर में एक दर्जन तक छोटे-बड़े हादसे हो जाते हैं और कई घायलों को वाराणसी रेफर करना पड़ता है। एनसीएल खड़िया सीएचपी, बीना बस स्टैंड से बासी पेट्रोल पंप, रेनूसागर मोड़ से काशी मोड़ तक सड़क किनारे खड़े भारी वाहन और मरम्मत कार्य भी दुर्घटनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन न तो पुलिस प्रशासन और न ही संबंधित विभाग कोई सख्त कार्रवाई कर रहा है। जयंत, शक्तिनगर, खड़िया बाजार, बीना, कौहरौल, बासी और अनपरा के बीच बसी बस्तियों के लोग धूल से त्रस्त हैं, घरों में हर समय कोल डस्ट की परत जमी रहती है, कपड़े और सामान काले पड़ जाते हैं तथा पेड़-पौधे भी राख से ढक गए हैं। लगातार उड़ती राखड़ से लोगों में सांस और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं और आंखों में धूल जाने से वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद न तो सड़कों की नियमित सफाई हो रही है और न ही पानी का छिड़काव, जिससे समस्या और गंभीर होती जा रही है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने, धूल नियंत्रण के स्थायी उपाय करने और सड़क किनारे खड़े वाहनों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि हादसों पर रोक लग सके और लोगों को राहत मिल सके।
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