आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा समाज के वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “प्रेरणा कोचिंग” कार्यक्रम के अंतर्गत देवकली गांव में विद्यार्थियों को शैक्षिक सामग्री वितरित की गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने बच्चों को पढ़ाई के प्रति समर्पित रहने और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को कॉपी, किताबें, पेन, पेंसिल सहित अन्य आवश्यक शैक्षिक सामग्री प्रदान की गई। कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो किसी भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। उन्होंने बच्चों से कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद यदि वे मेहनत और लगन से पढ़ाई करेंगे तो निश्चित रूप से अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने “प्रेरणा कोचिंग” पहल की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय केवल उच्च शिक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि समाज के उन बच्चों तक भी शिक्षा पहुंचाने का प्रयास कर रहा है जो संसाधनों की कमी के कारण पढ़ाई से दूर हो जाते हैं। इस तरह की पहल से गरीब और जरूरतमंद बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और स्वयंसेवकों ने भी बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाई करने, अनुशासन बनाए रखने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही यह भी बताया गया कि “प्रेरणा कोचिंग” के माध्यम से बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक तैयारी कराई जा रही है।
इस मौके पर विश्वविद्यालय के कई शिक्षक, कर्मचारी, स्थानीय लोग और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को समाज के लिए एक सराहनीय कदम बताया और उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र के वंचित बच्चों के भविष्य को नई दिशा मिलेगी।